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वाराणसी नगर निगम में बड़ा घोटाला: नई गाड़ियां कागजों में ‘डेड’, तीन कर्मचारी सस्पेंड, 25 ई-गार्बेज मशीनें कबाड़ घोषित

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मामले को गंभीर मानते हुए अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को सौंपी जांच, 15 दिन में रिपोर्ट तलब — बिना एक्सपर्ट रिपोर्ट करोड़ों की मशीनें डंपिंग यार्ड पहुंचीं
 

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Varanasi Nagar Nigam
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वाराणसी,भदैनी मिरर।  नगर निगम परिवहन विभाग में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। दस साल की मियाद पूरी होने से पहले ही नई गाड़ियों को कागजों पर ‘डेड’ घोषित कर नीलामी सूची में शामिल कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने परिवहन कार्यशाला विभाग के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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नगर आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को सौंपी है और 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निलंबन अवधि में तीनों कर्मचारी जांच अधिकारी से संबद्ध रहेंगे।

नीलामी समिति में शामिल उपसभापति नरसिंह दास, पार्षद हनुमान प्रसाद और मदन मोहन दुबे द्वारा यार्ड के स्थलीय निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2022 में खरीदी गई 25 ई-गार्बेज मशीनों को महज डेढ़ साल में ही कबाड़ घोषित कर दिया गया। वहीं एक गोल्फ कोर्ट वाहन का केवल चेसिस ही पाया गया, जबकि उसके पहिए, इंजन और बैटरी गायब थे।

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इतना ही नहीं, लगभग 10-10 लाख रुपये की जटायु मशीनें और 75 लाख रुपये की स्वीपर मशीनों को बिना किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट के सीधे डंपिंग यार्ड में डाल दिया गया। वर्कशॉप में खड़ी कई गाड़ियों के इंजन, बैटरी और पहिए भी गायब मिले। नई जेसीबी और महिंद्रा वाहनों का कोई सर्विस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

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दो टाटा एस वाहनों पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक की मरम्मत कराए जाने के बावजूद उन्हें भी ‘स्क्रैप’ सूची में शामिल कर दिया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर महापौर और नगर आयुक्त ने स्वयं भी यार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया।

प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही और नगर निगम को वित्तीय क्षति पहुंचाने के आरोप में कनिष्ठ लिपिक वैभव शरण मिश्र, सौरभ सान्याल और नपेंद्र शंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि इन कर्मचारियों का कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है और गंभीर दंड की श्रेणी में आता है।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।