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बहुचर्चित BHU गैंगरेप केस : वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छात्रा से हुई जिरह, 13 को होगी फिर सुनवाई

एक नवम्बर 2023 की रात हुई थी मानवता को शर्मशार करनेवाली घटना

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सत्ताधारी पार्टी से जुड़े तीन आरोपितों को किया गया था गिरफ्तार, तीनों जमानत पर है बाहर

छात्रा से गैंगरेप को लेकर दस दिनों तक बीएचयू परिसर में होता रहा आंदोलन

वाराणसी, भदैनी मिरर। बहुचर्चित BHU आईआईटी की छात्रा से गैंगरेप मामले में जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी- प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में मंगलवार को आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई हुई। पीड़िता वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई। पीड़िता से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। लेकिन जिरह पूरी न हो सकी। इसलिए अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 13 जनवरी निर्धारित कर दी। इस दौरान अभियोजन की तरफ से भी पक्ष रखा गया। 

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गौरतलब है कि बीएचयू परिसर में 1 नवंबर 2023 की रात आईआईटी की छात्रा के दोस्त को मारपीट कर भगा देने के बाद तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। छात्रा की तहरीर पर लंका थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस घटना के बाद भाजपा आईटी सेल के तत्कालीन पदाधिकारी कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और आनंद चौहान को पुलिस दो माह बाद गिरफ्तार किया था। फिलहाल तीनों आरोपित जमानत पर जेल से बाहर है। उस समय बीएचयू के विभिन्न छात्र संगठनों ने दस दिनां तक व्यापक आंदोलन किया। आरोपितों के BJP से जुड़े होने और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लगायत तमाम नेताओं के साथ आरोपितों के फोटो वायरल होने से मामला काफी चर्चा में आ गया था। विपक्षी पार्टियां भी हमलावर रहीं। इनमें से एक आरोपित कुणाल पांडेय वाराणसी में बीजेपी आईटी सेल का संयोजक और दूसरा सक्षम पटेल आईटी सेल के सह संयोजक और आनंद उर्फ अभिषेक आईटी सेल कार्यसमिति का सदस्य रह चुका था। मामला बढ़ने पर पार्टी ने तीनों को निष्कासित कर दिया। 

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मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक़ एक नवंबर की रात लगभग डेढ़ बजे आईआईटी बीएचयू की बीटेक की छात्रा अपने छात्रावास से बाहर घूमने के लिए निकली थी। कुछ दूरी पर स्थित गांधी स्मृति छात्रावास चौराहे पर उसका दोस्त मिल गया। दोनों कर्मन वीर बाबा मंदिर के पास थे तभी बुलेट सवार तीनों लोग पहुंचे और उन्हें जबरदस्ती रोक लिया। आरोपितों ने छात्रा के दोस्त के साथ मारपीट की और असलहा दिखाकर छात्रा को निर्वस्त्र करने के बाद उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए वीडियो भी बनाया। आरोपितां ने छात्रा को धमकी दी कि अगर इस घटना का जिक्र किया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। लेकिन तमाम विचार के बाद छात्रा डरी नही और उसने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया। जब इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को हुई तो वह सड़कों पर आ गये। दस दिन तक बीएचयू में हंगामा होता रहा। इस मामले में बीएचयू चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर और लंका थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया था।

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