Modi Govt : काशी को ₹2,500 करोड़ के एलिवेटेड रोड की नई सौगात, चौक-गोदौलिया को मिलेगी जाम से मुक्ति
Varanasi PIB Vartalap: मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर वाराणसी में 'वार्तालाप' कार्यशाला का आयोजन। सूबे के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने दी काशी को ₹2500 करोड़ के नए एलिवेटेड कनेक्टर प्रोजेक्ट की सौगात।
वाराणसी डेस्क, भदैनी मिरर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के गौरवमयी 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार (19 जून 2026) को पत्र सूचना कार्यालय (PIB), वाराणसी द्वारा एक विशेष 'वार्तालाप कार्यक्रम' (मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया。 “केंद्र सरकार के 12 साल – विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” विषय पर आयोजित इस महाकार्यशाला में काशी सहित देशभर के 100 से अधिक मीडिया संस्थानों के संपादकों और प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वाराणसी के महापौर श्री अशोक तिवारी मौजूद रहे।
काशी को ₹2500 करोड़ की नई सौगात: बिना शहर में घुसे सीधे पहुंचेंगे बाबा धाम और नमो घाट
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से विशेष बातचीत में कैबिनेट मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने काशी के लिए 2500 करोड़ रुपये के एक बेहद महात्वाकांक्षी 'एलिवेटेड कनेक्टर रोड' प्रोजेक्ट का खुलासा किया, जो बनारस को ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाएगा।

कैसा होगा नया एलिवेटेड कनेक्टर रूट:
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शुरुआत: यह एलिवेटेड रोड बाबतपुर एयरपोर्ट से आते समय हरहुआ चौराहे से पहले ही शुरू हो जाएगा।
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पहला पड़ाव (सेंट्रल जेल): बिना किसानों की जमीन कब्जाए यह पुल सीधे वरुणा नदी के ऊपर से होते हुए सेंट्रल जेल पहुंचेगा, जहां पहला डाउन-रैंप (चढ़ने-उतरने का रास्ता) बनेगा।
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दूसरा पड़ाव (चौकाघाट व नमो घाट): सेंट्रल जेल से उठकर यह पुल सीधे चौकाघाट आयुर्वेद कॉलेज और वहां से आगे सीधे नमो घाट पर उतरेगा।
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तीसरा पड़ाव (पड़ाव से रामनगर): नमो घाट पर बन रहे नए 'शिक्षा पुल' के माध्यम से यह उस पार पड़ाव पहुंचेगा। पड़ाव से दोबारा एलिवेटेड होकर यह सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने (सामने घाट) उतरेगा, जहां 4000 कारों की भव्य पार्किंग बन रही है, और वहां से सीधे रामनगर टेंगरा मोड़ को जोड़ेगा।
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जाम से स्थाई मुक्ति: इस प्रोजेक्ट के बन जाने से गाजीपुर, लखनऊ, आजमगढ़ या मध्य प्रदेश-मिर्जापुर की तरफ से आने वाले वाहनों को शहर के चौक, गोदौलिया और लंका जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में घुसना ही नहीं पड़ेगा। वे बाहर-बाहर ही रिंग रोड और नमो घाट से कनेक्ट हो जाएंगे।
खेती का बजट 27 हजार करोड़ से बढ़कर 1.40 लाख करोड़ हुआ
मुख्य अतिथि श्री रवीन्द्र जायसवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी को काशी के सांसद होने का गौरव मिला है और उन्होंने इसके रिटर्न गिफ्ट के तौर पर 48,000 करोड़ रुपये से काशी का कायाकल्प किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट 27 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.40 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, पीएम-किसान योजना के तहत देश के अन्नदाताओं को 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष नकद सहायता (DBT) दी जा चुकी है। आयुष्मान, उज्ज्वला, पीएम आवास और गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ों गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।

'विकसित भारत-2047' की मजबूत नींव रखी गई: महापौर
विशिष्ट अतिथि और वाराणसी के महापौर श्री अशोक तिवारी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की यह विकास यात्रा केवल योजनाओं और आंकड़ों की नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की यात्रा है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'लखपति दीदी' और 'नमो ड्रोन दीदी' जैसी क्रांतिकारी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे विकसित भारत-2047 का संकल्प मजबूत हुआ है।
भारतीय रेलवे में आया अभूतपूर्व बदलाव: स्टेशन निदेशक
कार्यशाला को वाराणसी जंक्शन के स्टेशन निदेशक श्री अर्पित गुप्ता ने भी संबोधित किया। उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के आंकड़े रखते हुए बताया कि रेलवे का बजटीय आवंटन वर्ष 2014-15 के 32,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 2.78 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। जनवरी 2026 में देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर सेवा' की शुरुआत और 60 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन इसका जीवंत प्रमाण है। अप्रैल 2026 तक देश के 208 रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय आधुनिकीकरण किया जा चुका है।
मीडिया समाज और सरकार के बीच का मजबूत सेतु: अरुण मिश्रा
काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री अरुण मिश्रा ने कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद संवेदनशील है। पत्रकार जनहित के मुद्दों को सामने लाकर शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाते हैं।
इससे पूर्व, कार्यक्रम के संयोजक एवं पत्र सूचना कार्यालय व केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक श्री दिलीप कुमार शुक्ल ने सभी आगंतुक अतिथियों, वक्ताओं और पत्रकार बंधुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस 'वार्तालाप' का उद्देश्य सरकार की जमीनी उपलब्धियों और नीतियों को मीडिया के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पत्रकारों ने भी सरकार के 12 वर्षों के कामकाज पर खुलकर परिचर्चा की。
