वाराणसी के पिंडरा में दबंगों की दबंगई: गरीब का छप्पर-मकान ढहाया, ग्राम प्रधान और लेखपाल पर 2 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप
बारिश के बीच बेघर हुआ भूमिहीन परिवार; पीड़ित पप्पू उर्फ सिकंदर अली ने उपजिलाधिकारी/उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): वाराणसी जिले की पिंडरा तहसील अंतर्गत अठगांवा परगना के पूरबपुर गांव में प्रशासनिक सांठगांठ और भू-माफियाओं के गठजोड़ का एक बेहद संगीन मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित भूमिहीन मजदूर ने ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय लेखपाल और भू-माफियाओं पर आरोप लगाया है कि अदालत में मुकदमा विचाराधीन होने के बावजूद तेज बारिश के दौरान उनका छप्पर व दीवार ढहा दी गई और उनका सामान उखाड़कर फेंक दिया गया।

मामले को लेकर पीड़ित ने उच्चाधिकारियों व पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पूरबपुर निवासी पीड़ित पप्पू उर्फ सिकंदर अली पुत्र स्व. लखंदर अली ने अपने प्रार्थना-पत्र में बताया कि मौजा पूरबपुर स्थित आराजी संख्या 479 (रकबा 0.45730 हेक्टेयर) बंजर खाते में दर्ज है। पीड़ित एक भूमिहीन व्यक्ति है, जो मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है और लंबे समय से उक्त बंजर भूमि में मंडवी (छप्पर व अस्थाई मकान) डालकर अपने परिवार के साथ काबिज था।
पीड़ित का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान ओमप्रकाश पटेल, क्षेत्रीय लेखपाल संतोष पटेल, सोनू पटेल और कथित भू-दलाल राजू अली द्वारा गांव की बंजर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा दिलाने और मोटी रकम कमाने का खेल चलाया जा रहा है।
रंगदारी न देने पर बारिश में गिराया आशियाना
पीड़ित पप्पू उर्फ सिकंदर अली के अनुसार, आरोपियों ने उससे कब्जा बनाए रखने के एवज में 2,00000 रुपये (दो लाख रुपये) की अवैध मांग (रंगदारी) की थी। आर्थिक रूप से असमर्थ होने के कारण जब पीड़ित ने यह रकम देने से मना कर दिया, तो 26 सितंबर 2026 को तेज बारिश के दौरान ही दबंगों ने उसकी मंडवी और पक्की दीवार को जबरन धराशायी कर दिया।
इस दौरान घर में रखा खाने-पीने का सामान और गृहस्थी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गरीब परिवार पूरी तरह से बेघर हो गया है।
कोर्ट में विचाराधीन है मामला
पीड़ित ने बताया कि उक्त विवादित भूमि के संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा धारा 67 की रिपोर्ट प्रेषित की गई है, जो संबंधित न्यायालय में विचाराधीन (Pending) है।
अदालत में विचाराधीन मुकदमे के दौरान ही विपक्षीगण द्वारा बलपूर्वक बेदखल कर उक्त भूमि को किसी अन्य व्यक्ति को पट्टा व कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है, जो कि गैर-कानूनी है। वहीं दूसरी ओर, गांव की बंजर भूमि पर अन्य कई लोगों द्वारा भी कब्जा कर निर्माण कराया गया है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग
पीड़ित परिवार ने न्याय की आस में क्षतिग्रस्त मकान के फोटोग्राफ्स और मुकदमे की फोटोकॉपी के साथ प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कानूनी कार्रवाई की जाए।
