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अलंकार अग्निहोत्री के सवाल पर भड़के मंत्री ओपी राजभर, एक मंत्री का बिना नाम लिए उनके पिता को बताया लोहा चोर

वाराणसी के सर्किट हाउस पहुंचे थे कैबिनेट मंत्री, मीडियाकर्मी के गैर जानकारी वाले सवाल पर भड़क गये 

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UGC वापस नही, स्टे हुआ है, शिक्षा व्यवस्था में OBC, SC और ST वर्गों के साथ होता है पक्षपात 

वाराणसी, भदैनी मिरर। कभी योगी आदित्यनाथ को मंदिर में घंटा बजाने और मोदी और शाह को एलानिया टीवी चैनलों पर झुट्ठा करार देनेवाले यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सोमवार को अलंकार अग्निहोत्री के सवाल पर मीडियाकर्मी पर ही भड़क गये। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देनेवाले से बिना जानकारी के कथित मीडियाकर्मी ने सवाल कर दिया। उसने पूछ लिया कि कैसे कह रहे हैं कि अलंकार अग्निहोत्री सपा के टच में थे। इस पर ओम प्रकाश राजभर ने भड़क गये। कहा कि माता प्रसाद पांडेय से किसने बात की थी। कुछ जानकारी रखा करो, तब पूछा करो। मैं राजभर हूं, जो कहता हूं सीना ठोक कर कहता हूं।  हालांकि ओपी राजभर की बात सही थी। क्योंकि खुद अलंकार अग्निहोत्री ने विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडये से बातचीत की बात स्वीकार की थी। यह खबर मीडिया में आ चुकी थी। यह अलग बात है सवाल करने वाले मीडियाकर्मी को इसकी जानकारी नही थी। बगैर जानकारी के सवाल करना मीडियाकर्मी को भारी पड़ गया। इससे पहले ओमप्रकाश राजभर ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की वजह को उनके राजनीति में आने के संकेत बताया था। यही से गैर जानकारी वाला सवाल कर दिया गया था। 

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गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके इस्तीफा देकर सबको चौका दिया था। यूजीसी कानून और प्रयागराज में शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ पुलिस-प्रशासन की अभद्रता से खिन्न होकर उन्होंने इस्तीफा दिया था। इसके बाद वह हाल ही में काशी आकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले और उनका आशीर्वाद लिया था। सर्किट हाउस में वार्ता के दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि चुनाव की पूरी तैयारी सरकार कर चुकी है। मतपत्र छपकर सभी जिलों में भेजे जा चुके हैं। किसी भी तरह की भ्रांति न रखी जाए, पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले ही कराए जाएंगे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री को 40 दिन की मोहलत वाली बात पर राजभर ने कहा कि देश संविधान से चलता है। किसी के बयान से नहीं बदल सकता। गो माता को राज्य माता का दर्जा देने के शंकराचार्य के बयान पर उन्होंने कहा कि यह विषय जब कैबिनेट में आएगा, तब उस पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा महाराजा सुहेलदेव जयंती के दौरान मंत्री अनिल राजभर द्वारा ओमप्रकाश राजभर के समर्थकों पर मंच से लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर पूरे देश में वोट बेचने की दुकान कहीं है तो उसका नाम बता दें। अगर माई के लाल हैं तो सामने आएं। राजभर समाज का नेता कौन है, इस सवाल पर वह फिर तेवर में आ गये। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे कभी लोहे की चोरी किया करते थे। 23 साल में जो काम मैने किया है, आज तक किसी ने वैसा किया क्यौ? जब हमने अपने बाप को बाप कहना शुरू किया, तभी लोगों का ध्यान सुहेलदेव महाराज की ओर गया। उन्होंने अनिल राभर का नाम लिए बिना अनिल राजभर और उनके पिता को लोहा चोर बताया। बोले कि आप उनका इतिहास नहीं जानते। जब उनके पिता जी राजनीति में थे इस दौरान एक लोहे की सरिया बेचने की दुकान खोली थी, कोई भी दुकानदार कहता तो साव है लेकिन वह साव नहीं होता है। अगर वह साव बनेगा तो कमाएगा कैसे।

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यूजीसी की नई गाइडलाइन और कानून को लेकर मंत्री ने कहा कि अगर किसी को इसमें गड़बड़ी लगती है तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है। आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों के साथ पक्षपात होता है और इस लड़ाई को वे आगे भी लड़ते रहेंगे। यूजीसी को लेकर बताया कि यूजीसी वापस नहीं हुआ है स्टे हुआ है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे बताए यूजीसी कमेटी ने 17 लोग सामान्य जाति के थे। क्या अभी लोगों को कमी नजर नहीं आई। शिक्षा मंत्री के बयान को कोड करते हुए कहा कि जो कमी होगी उसमें सुधार किया जाएगा। बजट को बताया कि यह बजट 145 करोड़ देशवासियों के हित को देखकर बनाया गया है। विपक्ष चुनाव में वोट के लिए बजट का विरोध करता है। सपा के पीडीए के नारे पर कहाकि पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथारिटी। बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर शंकराचार्य से मुलाकात के मामले पर कहाकि यह पूरा ड्रामा है और इसमें राजनीति की जा रही है। 
 

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