वाराणसी: मीठी कुइयां मस्जिद में 12 दिन की तरावीह मुकम्मल, नमाजियों ने देश में अमन-चैन के लिए मांगी दुआ
भदऊं चुंगी स्थित मस्जिद में हाफिजों की कयादत में अदा हुई तरावीह; मिलाद शरीफ के बाद बांटा गया तबर्रुक
वाराणसी,भदैनी मिरर। पवित्र महीने रमज़ान के दौरान शहर के आदमपुर क्षेत्र के भदऊं चुंगी (गंगानगर) स्थित मीठी कुइयां मस्जिद में 12 दिनों तक चलने वाली तरावीह की नमाज शुक्रवार को मुकम्मल हो गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाजियों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और समाज में भाईचारा कायम रहने की दुआ की।


मस्जिद में तरावीह की नमाज हाफिज नसीम अहमद बशीरी की सरपरस्ती में अदा की गई। वहीं हाफिज शहीद फजल ने अलहम की सूरत से तरावीह की शुरुआत की और 12वें दिन पाव पारा में सूरत नास पढ़कर तरावीह मुकम्मल की।
मिलाद शरीफ के बाद मांगी गई खास दुआ
तरावीह मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में मिलाद शरीफ पढ़ा गया। इसके बाद अल्लाह की बारगाह में हिंदुस्तान में अमन-चैन कायम रहने, बुजुर्गों की बीमारियों में शिफा मिलने और नौजवानों को नेक राह पर चलने की तौफीक मिलने की दुआ मांगी गई।

नमाजियों ने उस्ताद और हाफिज से किया मुशाफा
तरावीह पूरी होने के बाद नमाजियों ने हाफिज और उस्ताद से मुलाकात कर मुशाफा किया। इस मौके पर मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज मोहम्मद अजीजुद्दीन ने सभी नमाजियों को इत्र भेंट किया।
मस्जिद कमेटी ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने उस्ताद और हाफिज का कपड़ा, साफा, मिठाई तथा गुलाब और बेला की माला पहनाकर सम्मान किया। अंत में नमाजियों के बीच तबर्रुक के रूप में मोतीचूर के लड्डू वितरित किए गए।

इस अवसर पर मस्जिद कमेटी के सदस्य रियाज लारी, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद सफीर, मोहम्मद ओवैस, बाबू भाई, बबलू अहमद और पत्रकार दिलशाद अहमद समेत बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद रहे।
