रिक्शे पर सवार होकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे मनोज तिवारी; बोले— 'दिल्ली का सांसद हूं, लेकिन मेरी शक्ति का केंद्र काशी
सावन में किया विधिवत दर्शन-पूजन; राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' पर विपक्ष पर साधा निशाना
वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): सावन के पवित्र महीने में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के साथ-साथ दिग्गज हस्तियों के आने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता, गायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी वाराणसी पहुंचे। सादगी का परिचय देते हुए वह रिक्शे में बैठकर बाबा विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार तक पहुंचे।


बाबा विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी और बाबा वैद्यनाथ का लिया आशीर्वाद
मंदिर पहुंचकर सांसद मनोज तिवारी ने बाबा काशी विश्वनाथ का विधिवत जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि के साथ-साथ देशवासियों के कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि इस पावन अवसर पर उन्हें बाबा विश्वनाथ के साथ-साथ मां विंध्यवासिनी और बाबा वैद्यनाथ के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।


"काशी का कण-कण हमारे भीतर प्रवाहित है"
काशी से अपने गहरे लगाव को व्यक्त करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि काशी उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि असीम आस्था और ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा, "काशी का कण-कण हम लोगों के भीतर प्रवाहित है। भले ही मैं दिल्ली का सांसद हूं, लेकिन मेरे लिए शक्ति का असली केंद्र हमेशा काशी ही है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अनुभव अद्भुत और अविस्मरणीय है।"


वंदे मातरम के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला
दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज तिवारी ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 'वंदे मातरम' का पूरा गायन नहीं कर सकता या इसका विरोध करता है, उसके राष्ट्रभाव पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है। राष्ट्रगीत का सम्मान सीधा देशभक्ति की भावना से जुड़ा है और जो इसका सम्मान नहीं करते, वे भारत की मूल भावना से पूरी तरह नहीं जुड़ सकते।
