महाशिवरात्रि 2026: श्रद्धालुओं को ‘सर–मैडम’ कहकर संबोधित करेंगे पुलिसकर्मी, इंट्री प्वाइंट पर हाथ जोड़कर होगा स्वागत
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर वाराणसी पुलिस की अनूठी पहल- व्यवहार कुशलता, विनम्र संवाद और श्रद्धालु-उन्मुख पुलिसिंग पर विशेष जोर
वाराणसी, भदैनी मिरर। महाशिवरात्रि पर्व 2026 को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित त्र्यम्बकेश्वर हॉल में पुलिसकर्मियों की विशेष गोष्ठी आयोजित कर सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी को मनाया जायेगा, जिसको लेकर काशी में ख़ास उत्साह है। देवाधिदेव महादेव की काशी नगरी में हर गली-मोहल्ले में बाबा विश्वनाथ के शादी का उमंग होता है। वहीँ, श्री काशी विश्वनाथ धाम में खास इंतजाम रहेगा। बाबा विश्वनाथ के कपाट महाशिवरात्रि के भोर में मंगला आरती के समय खुलेगा तो अगले दिन 16 फ़रवरी की रात को शयन आरती के बाद ही बंद होगा। बाबा इस दौरान भक्तों को लगातार दर्शन देंगे। महाशिवरात्रि की रात को बाबा के गर्भगृह में विवाह की रस्में निभाई जाएँगी।



जवानों को संयमित रहने के निर्देश
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालु-उन्मुख, संवेदनशील और गरिमामय पुलिसिंग को मजबूत करना रहा। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में तैनात सभी पुलिसकर्मी प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक “सर” एवं “मैडम” कहकर संबोधित करेंगे। साथ ही मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात जवान हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन एवं स्वागत करेंगे, जिससे आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप सौहार्दपूर्ण पुलिस छवि स्थापित हो सके।

गोष्ठी में कहा गया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु लंबी यात्रा और भीड़ के कारण कभी-कभी धैर्य खो सकते हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में संयमित, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए धैर्यपूर्वक उनकी काउंसलिंग करनी होगी।
पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देशित किया गया कि पूछे जाने पर जनपद वाराणसी की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, मार्गदर्शन और प्रमुख स्थलों की जानकारी शालीनता व स्पष्टता के साथ दें। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने तथा प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की सीसीटीवी के माध्यम से कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अभद्रता या अनुचित आचरण पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि वर्दी केवल अनुशासन का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और विश्वास का दायित्व भी है। महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और आत्मीय अनुभव प्रदान करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
