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स्वच्छता रैंकिंग में काशी को टॉप-3 में लाने का महासंकल्प: 204 सेक्टरों में बंटा वाराणसी, लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 सफाई मित्रों और सुपरवाइजर्स को मिला सम्मान।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में धर्मनगरी काशी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए नगर निगम वाराणसी ने कमर कस ली है। शहर की सफाई व्यवस्था को अभेद्य बनाने और इसे 'जनभागीदारी से जनआंदोलन' का रूप देने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया गया है।

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इस महाभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी 100 वार्डों को 204 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की कमान शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, सिंचाई, PWD, जल निगम और वन विभाग जैसे अलग-अलग विभागों के नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है।

कमिश्नरी ऑडिटोरियम में मंथन: जुटे शहर के आला अधिकारी

मंगलवार को कमिश्नरी ऑडिटोरियम में शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से एक 'कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

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महापौर की अपील: "बस 15 दिन और 3-4 घंटे का समय दें"

कार्यशाला को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा,

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में काशी की पावन धरा से ही पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया था। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएं। हमें केवल 15 दिन तक हर रोज 3 से 4 घंटे इस अभियान को देने होंगे। यदि हम पूरी ऊर्जा से जुट गए, तो काशी की स्वच्छता की तस्वीर बदल जाएगी।"

मंडलायुक्त दो टूक: "सोच बदलनी होगी, गंदगी दिखे तो तुरंत बताएं"

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि स्वच्छता को सिर्फ नगर निगम का काम न समझें। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि जहां भी गंदगी या कचरा संवेदनशील पॉइंट (GVP) दिखे, उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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DM का नाइट-विज़न प्लान: रात में आंकलन, सुबह सफाई

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड पर एक्टिव होने का गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी रात में सड़कों और मुख्य बाजारों (विशेषकर ठेले-खोमचे वाले क्षेत्रों) का दौरा कर कूड़े की स्थिति का आंकलन करें और अगली सुबह ही विशेष अभियान चलाकर वहां सफाई सुनिश्चित कराएं। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाए।

कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग और जुर्माना: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्यशाला के 4 मुख्य बिंदुओं पर फोकस करते हुए कहा कि:

  1. GVP पॉइंट्स का पूर्ण विलोपन सुनिश्चित किया जाए।

  2. डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग (Separation) लिया जाए।

  3. खाली पड़े भूखंडों (Plats) की मुस्तैदी से सफाई हो।

  4. नालियों की नियमित सफाई की जांच हो।

नगर आयुक्त ने बताया कि वाराणसी को 'गार्बेज फ्री सिटी' बनाने के लिए 14 ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहे हैं और 10 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। अब नव विस्तारित वार्डों में भी कूड़ा उठान शुरू हो गया है। उन्होंने साफ किया कि समझाने के बाद भी नियम तोड़ने वालों और गंदगी फैलाने वालों पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

शानदार काम करने वाले 13 सफाई मित्र सम्मानित

इस कार्यशाला में धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 3 सुपरवाइजरों और 10 सफाई कर्मियों को मंच पर मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया।

इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी सहित कई विभागों के आला अधिकारी व पार्षद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अंजला झा व PRO संदीप श्रीवास्तव ने किया।