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Kashi Vishwanath Temple:  विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने का दावा, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने दावे को बताया फर्जी
 

अधिवक्ता की शिकायत और पीएमओ के संज्ञान के बाद प्रशासन ने जारी किया आधिकारिक बयान; आंधी-तूफान में गिरे हिस्से को सुरक्षित रखने और आईआईटी मद्रास की सर्वे रिपोर्ट का किया जिक्र

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भदैनी मिरर वाराणसी डेस्क। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने और हर दूसरे दिन सोना नोचे जाने के आरोपों को लेकर मचे घमासान के बीच अब वाराणसी के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) एस. राजलिंगम (S. Rajalingam) का आधिकारिक बयान सामने आया है। प्रशासन ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भ्रामक और असत्य बताया है।

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क्या था पूरा मामला?


हाल ही में एक अधिवक्ता (नित्यानंद राय) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि मंदिर के शिखर से सोने के कई कलश गायब हैं और वहां से सोना निकाले जाने जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस शिकायत के बाद मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंचा और इसे लेकर आंतरिक जांच की बात सामने आई थी। साथ ही शिकायतकर्ता ने मंदिर की वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी।


मंडलायुक्त एस. राजलिंगम का आधिकारिक बयान


इन तमाम चर्चाओं और सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों का खंडन करते हुए मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:
 "A news item is circulating in the social media regarding whereabouts/ missing gold from the temple spire gumbadh. It is totally false."
 

(सोशल मीडिया पर मंदिर के गुंबद/शिखर से सोना गायब होने को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह से झूठी और फर्जी हैं।)


मंडलायुक्त ने घटना की असली वजह बताते हुए स्पष्ट किया कि 3 महीने पहले आए एक तेज आंधी-तूफान (Hailstorm) के दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार के ठीक ऊपर स्थित गुंबद/कलश का एक हिस्सा गिर गया था। उस गिरे हुए हिस्से को मंदिर प्रशासन ने पूरी तरह से अपनी सुरक्षित कस्टडी में रख लिया है।

आईआईटी मद्रास (IIT Madras) की सर्वे रिपोर्ट के बाद होगी मरम्मत

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की संरचनात्मक स्थिरता (Structural Stability) की जांच के लिए आईआईटी मद्रास (IIT Madras) को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है, जिसका भुगतान भी किया जा चुका है।
आईआईटी मद्रास की टीम इसी महीने के अंत तक निरीक्षण के लिए आने वाली है। उनकी सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार आगे की मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम कराया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी बेबुनियाद और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।