श्री काशी विश्वनाथ धाम SDM पर आरोप लगाने वाले बैरिकेडिंग कूदते दिखे, मंदिर न्यास ने जारी किया CCTV फुटेज
मंदिर न्यास बोला— किसी भी अधिकारी या कर्मी ने श्रद्धालुओं से अभद्र व्यवहार नहीं किया, SDM पर लगे आरोपों को बताया भ्रामक
वाराणसी,भदैनी मिरर। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने SDM पर दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। न्यास की ओर से CCTV फुटेज और स्क्रीनशॉट मीडिया को उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें भदैनी निवासी अनुज पांडेय को दर्शन के दौरान बैरिकेडिंग कूदते और गर्भगृह में प्रवेश का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है।


न्यास का कहना है कि मीडिया माध्यमों में एकपक्षीय बयान प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे मंदिर व्यवस्था और न्यास की कार्यप्रणाली को लेकर भ्रामक तथ्य सामने आ रहे हैं। साक्ष्यों जारी कर मंदिर न्यास ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी अथवा कार्मिक द्वारा किसी श्रद्धालु के साथ न तो शारीरिक और न ही शाब्दिक दुर्व्यवहार किया गया।

मंदिर प्रशासन के अनुसार आरती के समय सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग पार कर गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की गई थी, जिस पर नियमानुसार सुरक्षा कर्मियों ने संबंधित व्यक्तियों को रोका।

“झूठे आरोप दोहराए गए तो होगी कानूनी कार्रवाई” – मंदिर न्यास
न्यास ने कहा कि आमतौर पर ऐसे आरोप–प्रत्यारोप पर प्रतिक्रिया नहीं दी जाती, लेकिन इस मामले में बार-बार सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया पर तथ्यात्मक रूप से गलत बातें दोहराई जा रही हैं। इसलिए प्रमाण सहित खंडन जारी किया गया है। चेतावनी दी गई है कि इसके बाद भी यदि मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास हुआ तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।


SDM पर लगे थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले मंदिर परिसर में SDM शंभू शरण पर श्रद्धालुओं से गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए गए थे। कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी बाबूलाल सोनकर ने चौक थाना में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि महाशिवरात्रि के दिन दर्शन के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
इसी तरह भदैनी निवासी अनुज पांडेय ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि SDM और उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने गाली-गलौज की।
हालांकि मंदिर न्यास द्वारा जारी CCTV फुटेज में अनुज पांडेय को बैरिकेडिंग लांघते और गर्भगृह की ओर बढ़ते हुए देखा गया है, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका।
न्यास ने दो टूक कहा है कि यह मामला अपवाद स्वरूप है, भविष्य में भी मंदिर प्रबंधन आरोप-प्रत्यारोप पर प्रतिक्रिया न देने की अपनी नीति का पालन करेगा।
