Movie prime
PMC_Hospital

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में खुला 'काशी द्वार': अब पहचान पत्र दिखाकर गेट नंबर 4 से सीधे VIP दर्शन कर सकेंगे काशीवासी, सीएम योगी का बड़ा फैसला

सुबह 4:15 से रात 10:45 बजे तक स्थानीय लोगों को मिलेगी एंट्री; सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कैसे मिलेगा प्रवेश और क्या रहेंगे नियम

Ad

 
sd
WhatsApp Group Join Now

Ad

 

भदैनी मिरर, वाराणसी।
धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और हर्षित करने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशीवासियों को लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा, बल्कि उनके लिए अलग से 'काशी द्वार' की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग अपना पहचान पत्र दिखाकर गेट संख्या चार (04) से वीआईपी और सुगम दर्शन कर सकेंगे। इस फैसले के बाद वाराणसी के श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

Ad
Ad

सर्किट हाउस की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश

अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के पहले दिन मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में प्रशासनिक अफसरों के साथ सावन मास की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसी बैठक के दौरान सीएम योगी ने निर्देश दिया कि जो काशीवासी प्रतिदिन बाबा के दरबार में शीश नवाते हैं, उनके सम्मान और सुगमता के लिए मंदिर में एक अलग द्वार आरक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने समस्त काशीवासियों की ओर से सीएम का आभार जताया और कहा कि यह मांग लंबे समय से लंबित थी।

Ad

सुबह 4:15 से रात 10:45 बजे तक खुला रहेगा गेट, आज ही से व्यवस्था लागू


श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विश्व भूषण मिश्र ने इस नई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह नियम आज ही से प्रभावी कर दिया गया है।

* दर्शन का समय: काशी के लोग अब रोजाना सुबह 04:15 बजे से लेकर रात 10:45 बजे तक निर्बाध रूप से गेट नंबर 4 से प्रवेश पा सकेंगे।
* कौन से दस्तावेज होंगे मान्य: प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा निर्गत कोई भी ऐसा वैध पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) दिखाना होगा जिस पर काशी (वाराणसी) का पता अंकित हो। इसके अलावा मंदिर न्यास द्वारा पार्षदों के माध्यम से जारी होने वाला 'काशी पास' भी पूरी तरह मान्य होगा।

Ad


सावन और विशेष पर्वों को छोड़कर रेगुलर रहेगी व्यवस्था:  सीईओ


सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि पहले यह सुविधा वर्ष 2024 से सिर्फ शाम 4 से 5 बजे के बीच एक घंटे के लिए थी, जिसे अब मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पूरे दिन के लिए विस्तारित कर दिया गया है। सावन से ठीक पहले इसका एक ट्रायल रन किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सावन मास और अन्य बड़े विशेष पर्वों पर देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, उस समय हम सभी काशीवासी आतिथ्य (मेजबान) की भूमिका में होते हैं। अतः सावन के विशेष दिनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के मद्देनजर इस व्यवस्था को स्थगित रखना पड़ सकता है, लेकिन स्थिति सामान्य होने पर या सावन बीतने के बाद यह रेगुलर व्यवस्था के रूप में अनवरत जारी रहेगी।


सावन के लिए तैयार हुई विश्वस्तरीय SOP


समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सावन के दौरान होटल, रेस्टोरेंट या बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न वसूला जाए। साथ ही, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को अलर्ट रहने और लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित कराने को कहा।

सीईओ ने बताया कि सावन के लिए मंदिर प्रशासन की विश्वस्तरीय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार है। जर्मन हैंगर, टेक्सटाइल स्ट्रक्चर, छाया की व्यवस्था, पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज, खोया-पाया केंद्र और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाबा के धाम की इस बेहतर व्यवस्था की ख्याति इतनी है कि देश के कई अन्य प्रसिद्ध मंदिरों से भी इसी तरह की एसओपी डिजाइन करने की मांग आ रही है।