BHU में पालतू कुत्ते के हमले में घायल मासूम 6 दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज, चेहरे पर लगे थे 50 टांके! जानिए अब कैसी है तबीयत
दहशत में था मासूम, डॉक्टरों की देखरेख में धीरे-धीरे बोलने लगा अभिनव;सूजन कम होने और घाव सूखने पर बुधवार को मिली छुट्टी
भदैनी मिरर (Bhadaini Mirror) डेस्क: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में बीते दिनों पालतू कुत्ते के खौफनाक हमले का शिकार हुआ मासूम बच्चा आखिरकार जंग जीतकर अपने घर लौट आया है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में लगातार 6 दिनों तक चले इलाज के बाद बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने स्थिति सामान्य होने पर बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।


13 अगस्त को हुआ था जानलेवा हमला, चेहरे पर लगे थे 50 टांके
यह दर्दनाक हादसा 13 अगस्त को बीएचयू परिसर में हुआ था। ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ प्रेमाराम के बेटे अभिनव पर एक पालतू कुत्ते ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया था। कुत्ते के हमले में मासूम का चेहरा और शरीर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था।
परिजन उसे तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों को बच्चे के घावों पर 50 से अधिक टांके लगाने पड़े थे।

दहशत में था मासूम, डॉक्टरों की देखरेख में धीरे-धीरे बोलने लगा अभिनव
हादसे के बाद मासूम अभिनव इस कदर दहशत में था कि वह कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था। उसके चेहरे पर गंभीर चोटें और भारी सूजन आ गई थी। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी 24 घंटे निगरानी कर रही थी।
उचित इलाज और डॉक्टरों की कड़ी देखभाल के असर से बच्चे का खौफ धीरे-धीरे कम हुआ और उसने हल्का-हल्का बोलना शुरू कर दिया है।


सूजन कम होने और घाव सूखने पर बुधवार को मिली छुट्टी
चिकित्सकों ने बताया कि अभिनव के चेहरे की सूजन अब काफी हद तक कम हो चुकी है और सर्जरी के घाव भी तेजी से सूख रहे हैं। स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार दर्ज होने के बाद बुधवार को डॉक्टरों ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी। हालांकि, परिजनों को घर पर भी घावों की ड्रेसिंग और दवाओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
