Movie prime
PMC_Hospital

वाराणसी में सूर्यदेव के तेवर तल्ख: 44 डिग्री पारे के साथ झुलसाया तन, 48 घंटे बाद मौसम लेगा करवट

घरों में कैद हुए लोग, लू के थपेड़ों से सड़कें सूनी, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

Ad

 
Weather
WhatsApp Group Join Now

Ad

भदैनी मिरर, वाराणसी: धर्म की नगरी काशी इन दिनों भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में है। रविवार को सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। सुबह से ही चिलचिलाती धूप और दोपहर में चलती गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह रहा कि जरूरी कामों के बिना लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके, जिससे दोपहर के समय मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

Ad
Ad

सामान्य से 4 डिग्री अधिक रहा तापमान

रविवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक होकर 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, रात के तापमान ने भी बेचैनी बढ़ा दी है; न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा है। दिन भर की तपिश के बाद शाम को भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है।

Ad

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

भीषण गर्मी का सीधा असर जनजीवन और स्वास्थ्य पर दिख रहा है। शहर के प्रमुख अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और तेज सिरदर्द की शिकायतों वाले मरीजों की कतारें लंबी हो गई हैं।

चिकित्सकों की सलाह: "हीट स्ट्रोक से बचने के लिए तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और सूती व ढीले कपड़े पहनें।"

राहत की खबर: मंगलवार से थम सकती है लू

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार:

Ad
  • 28 अप्रैल (मंगलवार): पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण लू के प्रकोप में कमी आएगी।

  • 29-30 अप्रैल: आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू होगी।

  • 1 मई: वाराणसी और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी (Thundershower) की संभावना है।

बाजारों पर पड़ा असर

गर्मी के चलते व्यापारिक गतिविधियों पर भी ब्रेक लगा है। दोपहर के समय गोदौलिया, लंका और चौक जैसे व्यस्त इलाकों में भी भीड़ कम रही। लोग ठंडे पेय पदार्थों और गन्ने के रस के ठेलों पर ही नजर आए। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिनों तक सावधानी बरतनी जरूरी है, जिसके बाद पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।