आषाढ़ में 'कुआर' जैसी तीखी धूप ने छुड़ाए पसीने, जानें काशी में कब से होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग ने 7 से 10 जुलाई के बीच जताया भारी बारिश और वज्रपात का अनुमान।
वाराणसी: जुलाई का पहला सप्ताह चल रहा है, लेकिन बनारस के लोगों को उमस और तपिश से राहत मिलने का नाम नहीं मिल रहा है। आषाढ़ के महीने में भी 'कुआर' (अक्टूबर) जैसी चुभती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के साथ-साथ रातें भी बेहद बेचैन करने वाली हो गई हैं। स्थिति यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में काशी की रात सबसे गर्म रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए अगले कुछ दिनों में मानसून की मजबूत वापसी का संकेत दिया है।


मौसम वैज्ञानिक ने बताया- क्यों रूठ गए बादल?
राज्य मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, उत्तरी ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मानसून की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) अपनी सामान्य स्थिति से खिसक कर दक्षिण की ओर चली गई है। यही वजह है कि वाराणसी और आसपास के इलाकों में बादलों की घेरेबंदी कम हो गई है और सूरज के तीखे तेवर लोगों को झुलसा रहे हैं।

पारे ने तोड़ा रिकॉर्ड, सूखी हवा में नमी
शनिवार को सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख थे। आलम यह रहा कि अधिकतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री बढ़कर 39.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक यानी 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप और गर्मी का असर हवा की नमी पर भी पड़ा; सुबह जो आर्द्रता 74 फीसदी थी, वह शाम होते-होते घटकर 51 फीसदी रह गई। उमस भरे इस मौसम के कारण रविवार की देर शाम या रात में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है। अगले दो दिन तक अभी ऐसे ही मौसम के बने रहने के आसार हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता, धान की नर्सरी पर खतरा
मौसम के इस विपरीत बदलाव ने सबसे ज्यादा अन्नदाताओं (किसानों) के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। महीने की शुरुआत में (एक और दो जुलाई को) हुई अच्छी बारिश के बाद किसानों के खेत गुलजार हो गए थे। लेकिन अब तीखी धूप ने खेतों की नमी सोख ली है, जिससे धान की नर्सरी पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। पूर्वानुमान के अनुसार यदि अगले तीन से चार दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो धान की खेती व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही इस मौसम ने मौसमी बीमारियों के सिर उठाने का माहौल भी बना दिया है।
7 से 10 जुलाई के बीच झमाझम बारिश और अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, वाराणसी और आसपास के जिलों को इस भीषण उमस से बहुत जल्द राहत मिलने वाली है:
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7 से 10 जुलाई: इस दौरान क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने के प्रबल आसार हैं।
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8 और 10 जुलाई: मौसम विभाग ने इन दोनों दिनों के लिए विशेष रूप से वज्रपात (आकाशीय बिजली) का भी संकेत दिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
