सावन के पहले सोमवार पर काशी विश्वनाथ मंदिर में अभेद्य सुरक्षा: पुलिस कमिश्नर ने लिया जायजा
मैदागिन से धाम तक पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का पैदल निरीक्षण; ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही नजर, कांवड़ियों व श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाले आस्था के सैलाब को देखते हुए वाराणसी पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। रविवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मैदागिन चौराहे से लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया और मीडिया से बातचीत में तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।


देशभर से आ रहे श्रद्धालु, कांवड़ मार्ग पर विशेष निगरानी
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को लेकर रविवार से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचने लगे हैं। उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से दर्शनार्थी बाबा के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं।
प्रयागराज से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए पूरे रूट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

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मार्ग पर व्यवस्था: कांवड़ मार्ग पर यूपी 112 (PRV) वाहन, क्विक रिस्पांस टीम (QRT), अस्थायी पुलिस चौकियां, विश्राम स्थल और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
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तकनीकी निगरानी: पूरे रूट और मंदिर क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय निवासियों को 'गेट नंबर-4' से मिलेगा प्रवेश
विश्वनाथ धाम के आसपास सुगम दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन कर सकें। वहीं स्थानीय निवासियों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए मुख्य प्रवेश मार्ग के पास स्थित नंदू फड़िया मार्ग (गेट नंबर-4) से प्रवेश का प्रबंध किया गया है। स्थानीय निवासी अपना पहचान पत्र दिखाकर इस मार्ग से आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

पुलिसकर्मियों को निर्देश: श्रद्धालुओं से करें मित्रवत व्यवहार
कमिश्नरेट पुलिस की ओर से ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों की नियमित ब्रीफिंग की जा रही है। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि:
"ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के साथ अत्यंत विनम्र, मित्रवत और सम्मानजनक व्यवहार करें। किसी भी श्रद्धालु के साथ असुविधा या अभद्रता की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण में बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सुखद अनुभव के साथ अपने घर लौटे।


