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मणिकर्णिका घाट पर लकड़ी रखकर अवैध कब्जा: डोमराजा परिवार का दर्द—“24 घंटे शवदाह करते हैं, फिर भी मेरे साथ अन्याय”

डोमराजा विश्वनाथ चौधरी के तीसरे पुत्र ने लगाया गंभीर आरोप—व्यापारियों ने लकड़ी रखकर सदियों पुरानी मढ़ी पर कब्जा कर दिया, नगर निगम से दो बार गुहार पर भी कार्रवाई नहीं

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मनी कंगना रानाउत
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वाराणसी, भदैनी मिरर। काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर डोमराजा परिवार ने अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। डोमराजा विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि घाट पर कुछ लोगों द्वारा लकड़ी रखकर कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण घाट पर सोने-बैठने और शवदाह की रोजमर्रा की प्रक्रिया बेहद प्रभावित हो रही है।

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उन्होंने कहा कि “हमारे स्टाफ 24 घंटे शवदाह करते हैं, लेकिन अब घाट पर बैठने की भी जगह नहीं बची है। जिस मढ़ी में हम लोग बैठते हैं, उसके ऊपर और नीचे लकड़ी रख दी गई है। वह मढ़ी न जाने कितने सौ वर्षों पुरानी है, डर लगता है कि उसकी पटिया कभी भी गिर सकती है।”
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डोमराजा परिवार ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने दो बार नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन केवल जांच का आश्वासन मिला। अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “सूबे के मुखिया ने हमें जो सम्मान दिया, उसे हम संभालकर रखते हैं। लेकिन हम छोटी जाति के लोग हैं, लकड़ी रखने वाले बड़े लोगों द्वारा बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। दबंगई तरीके से कब्जा कर लिया गया है। हम योगी जी से बस यही चाहते हैं कि हमारी समस्या भी सुनी जाए, ताकि हमारा दाल-रोटी चल सके।”
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डोमराजा परिवार ने मुख्यमंत्री से घाट को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घाट का सुंदरीकरण चल रहा है, जो अच्छी बात है, लेकिन “जब तक व्यापारियों के कब्जे हटेंगे नहीं, तब तक वास्तविक सुधार संभव नहीं है।”
परिवार ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समस्या पर ध्यान देंगे और मणिकर्णिका घाट को अवैध कब्जों से मुक्त कराएंगे।
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