वाराणसी में VVIP मूवमेंट को लेकर हाई अलर्ट: NSG और यूपी पुलिस ने परखी सुरक्षा
आगामी त्योहारों और इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल, डीआईजी शिवहरि मीना ने बताया रियल-टाइम एक्शन का पूरा प्लान।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। धर्मनगरी वाराणसी में लगातार होने वाले VVIP मूवमेंट और आगामी त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क मोड में हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) सुरक्षा के निर्देशों पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), सीएम सिक्योरिटी और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया।


इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति (मेडिकल या सुरक्षा संबंधी) में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
CP कार्यालय से निकला 'CM' का काफिला, रूट किया गया 'जीरो'
शुक्रवार सुबह ठीक 9:00 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय से 'मुख्यमंत्री' का छद्म (मॉक) काफिला रवाना हुआ। काफिले के निकलने से पहले जिला मुख्यालय से लेकर पुलिस लाइन तक के पूरे मार्ग को 'जीरो ट्रैफिक' कर दिया गया।

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सुरक्षा चक्र: सबसे पहले पुलिस अधिकारियों की जीप दौड़ती नजर आई और सड़क पर मौजूद आम लोगों को किनारे किया गया।
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एंटी-डेमो और वार्निंग कार: इसके बाद एंटी-डेमो स्क्वॉड रवाना हुआ।
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काफिला रवानगी: एंटी-डेमो के ठीक दो मिनट बाद वार्निंग कार, पायलट वाहन और फिर 'सीएम' का काफिला पुलिस लाइन पहुंचा।

मल्टी-एजेंसी समन्वय और रियल-टाइम एक्सरसाइज
मॉक ड्रिल के सफल समापन के बाद डीआईजी शिवहरि मीना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एडीजी सिक्योरिटी के निर्देशानुसार प्रमुख शहरों के लिए विशेष स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की गई है।
"इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य NSG, अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना है। ताकि VVIP मूवमेंट या त्योहारों पर भीड़ के दौरान किसी भी मेडिकल या इमरजेंसी स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।" — शिवहरि मीना, डीआईजी
ब्रीफिंग के बाद ग्राउंड पर उतरीं टीमें
डीआईजी ने बताया कि इस रिहर्सल के लिए NSG और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से वाराणसी पहुंचे थे।

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पहला चरण: सभी टीमों की एक संयुक्त ब्रीफिंग हुई, जिसमें हर एजेंसी को उनके रोल और जिम्मेदारियों के बारे में समझाया गया।
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दूसरा चरण: ज़ीरो रोड व्यवस्था के साथ 'रियल टाइम' एक्शन की तरह मॉक ड्रिल की गई।
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तीसरा चरण: ड्रिल के बाद एक समीक्षा (Debriefing) सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कमियों और उन्हें और बेहतर करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस तरह की तैयारियों से वाराणसी में आने वाले अतिविशिष्ट मेहमानों की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।



