वाराणसी को महासौगात! मोदी कैबिनेट ने ₹25,445 करोड़ के दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर को दी मंजूरी, जाम से मिलेगी मुक्ति
वरुणा नदी के किनारे और NH-19 से रिंग रोड के बीच बनेंगे शानदार 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, 40 से 60 मिनट का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में होगा पूरा।
वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी (Varanasi) के इंफ्रास्ट्रक्चर को चमकाने और शहरवासियों को जाम के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने वाराणसी डीकंजेशन प्लान (Varanasi Decongestion Plan) के तहत कुल ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाले दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridors) प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है।


हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर बनने वाले ये दोनों प्रोजेक्ट्स न सिर्फ बनारस की सूरत बदलेंगे, बल्कि पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को भी एक नए स्तर पर ले जाएंगे।
#Cabinet approved the development of a Link/Connector Corridor between National Highway-19 (NH-19) and the Varanasi Ring Road with riverbank connectivity along the River Ganga for the decongestion of Varanasi City in Uttar Pradesh.
— PIB India (@PIB_India) July 15, 2026
The 46.039 km project, comprising a six-lane… pic.twitter.com/31VAJQCWvR

पहला प्रोजेक्ट: वरुणा नदी के किनारे बनेगा 43 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
कैबिनेट ने वाराणसी शहर को डीकंजेशन (जाम मुक्त) करने के लिए वरुणा नदी के किनारे (River Varuna Bank) एक शानदार 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है।
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कुल लागत: ₹10,998.32 करोड़
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कुल लंबाई: 43.218 किलोमीटर
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सफर होगा आधा: यह कॉरिडोर नेशनल हाईवे-31 (NH-31) और काशी रेलवे स्टेशन के बीच निर्बाध (Seamless) कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके बनने के बाद दोनों पॉइंट के बीच यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा।
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लॉजिस्टिक्स और इकॉनमी को बढ़ावा: यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के एक इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनॉमिक ज़ोन), एक सोशल नोड (चंदौली) और 6 प्रमुख लॉजिस्टिक्स नोड्स को आपस में जोड़ेगा, जिससे व्यापार को नई गति मिलेगी।
#Cabinet approved the development of a 43.218 km Link/Connector Corridor connecting NH-31 and the Varanasi Ring Road along the River Varuna for decongestion of #Varanasi city in Uttar Pradesh.
— PIB India (@PIB_India) July 15, 2026
The project comprises a 6/4-lane predominantly elevated corridor, including main… pic.twitter.com/uvJJFq15CH
दूसरा प्रोजेक्ट: NH-19 से वाराणसी रिंग रोड तक 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
शहरी गतिशीलता (Urban Mobility) और रिंग रोड की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने एक और मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके तहत नेशनल हाईवे-19 (NH-19) से वाराणसी रिंग रोड के बीच 6-लेन का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।

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कुल लागत: ₹14,447.64 करोड़
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कुल लंबाई: 46.039 किलोमीटर
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समय की भारी बचत: इस कॉरिडोर के बनने से पूरे प्रोजेक्ट इन्फ्लुएंस एरिया में औसत यात्रा का समय 60 मिनट (1 घंटा) से घटकर महज 20 मिनट हो जाएगा। यानी सीधे 40 मिनट की बचत होगी।
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पर्यटन और शिक्षा को लाभ: यह नया कॉरिडोर काशी के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों (जैसे काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू आदि) तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और छात्रों के लिए राह आसान करेगा।
वाराणसी के विकास को लगेंगे चार चांद
इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने के बाद वाराणसी शहर के भीतर भारी वाहनों और आउटर ट्रैफिक का दबाव बेहद कम हो जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर विकसित होने वाले इन हाई-टेक कॉरिडोर्स से वाहनों के ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और काशी आने वाले वैश्विक पर्यटकों को विश्वस्तरीय सड़कों का अनुभव मिलेगा।
स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) जल्द ही इन दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
