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गंगा दशहरा 2026: काशी के दशाश्वमेध और केदार घाट पर उतरी आस्था की अनुपम छटा, 501 लीटर दूध से हुआ मां गंगा का महाभिषेक

वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरू की गूंज के बीच 11 ब्राह्मणों ने उतारी मां गंगा की भव्य महाआरती

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वाराणसी (भदैनी मिरर): पावन पर्व गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार की शाम काशी के ऐतिहासिक घाटों पर भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का एक अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मां गंगा के धरा पर अवतरण दिवस के इस पावन मौके पर विश्वप्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट और केदार घाट पर भव्य महाआरती, दुग्धाभिषेक और वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। लाखों दीपों की जगमगाहट, गूंजते वैदिक मंत्र, डमरू की थाप और "हर-हर गंगे" के गगनभेदी जयघोष के बीच देश-विदेश से आए श्रद्धालु देर रात तक मां गंगा की भक्ति के रस में डूबे नजर आए।

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501 लीटर दूध से महाअभिषेक और षोडशोपचार पूजन

दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में मुख्य आयोजन संपन्न हुआ। समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ के पावन सानिध्य में सबसे पहले मां गंगा की अष्टधातु की दिव्य प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद वैदिक रीति-नीति से 501 लीटर दूध, विभिन्न प्रकार के फल, पुष्प और मिष्ठान से मां गंगा का विशेष अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप मां गंगा को पारंपरिक पियरी साड़ी भी अर्पित की गई।

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11 ब्राह्मणों की महाआरती और 21 कन्याओं का चंवर सेवा

संध्या काल में घाट की दिव्यता तब और बढ़ गई जब 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक साथ विशाल दीप स्तंभों को उठाकर मां गंगा की महाआरती शुरू की। इस दौरान 21 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक रूप में चंवर डुलाकर मातृशक्ति का आह्वान किया। घाट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ दीप जलाकर मां गंगा से विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।

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इस भव्य आयोजन में अयोध्या के श्री राम जानकी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर बाबा अवध बिहारी दास महाराज ने अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के राज्य मंत्री डॉ. दया शंकर मिश्र 'दयालु गुरु', शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, वाराणसी के महापौर (मेयर) अशोक तिवारी और वीडीए के मानद सदस्य व हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी अम्बरीश सिंह भोला मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे ने किया।

भजन संध्या और 'निर्मल गंगा' का संकल्प

धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्रसिद्ध गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रख्यात भजन गायक सुशील बावेजा ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। इसी कड़ी में, नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने घाट पर उपस्थित समस्त जनमानस को मां गंगा को हमेशा स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प दिलाया।

इनसेट: केदार घाट पर भी बिखरी अलौकिक आभा 

वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हुआ केदारेश्वर क्षेत्र

गंगा दशहरा के इस महापर्व पर काशी का केदार घाट भी पूरी तरह से आध्यात्मिक उल्लास में डूबा रहा। यहाँ गंगोत्री सेवा समिति की ओर से संदीप दुबे ‘सोनू महाराज’ के संयोजन में विशेष गंगा पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। दीपों और फूलों से सजे केदार घाट पर जब तीर्थ पुरोहितों ने “ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति…” और “ॐ नमो भगवति गंगे…” जैसे प्राचीन मंत्रों का उच्चारण शुरू किया, तो पूरा परिसर गूंज उठा।

महाआरती के दौरान शंखध्वनि और घंटियों की आवाज के साथ "हर-हर महादेव" के जयकारे लगते रहे। श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा की लहरों में दीप प्रवाहित किए। आरती के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक भजनों की श्रृंखला ने देर रात तक भक्तों को घाट पर बांधे रखा।