लमही के बंद मकान से गहने और नकदी उड़ानेवाले चार शातिर चोर गिरफ्तार
रामजानकीपुरम स्थित भवनस्वामी घर के ताले बंद कर परिवार समेत गये थे पैतृक गांव, चोरों ने खंगाल दिया घर
पांडेयपुर-लालपुर और शिवपुर थाना क्षेत्र के रहनेवाले हैं चोर
वाराणसी, भदैनी मिरर। लमही स्थित राम-जानकीपुरम में बंद मकान को निशाना बनानेवाले चार शातिर चोरों को लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस ने गुरूवार की रात ऐढ़े स्थित परशुरामपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी के आभूषण, अन्य सामान और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद किया है। पुलिस उपायुक्त वरुणा ज़ोन प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में चोरों को मीडिया के सामने पेश कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार चोरों में शिवपुर थाना क्षेत्र के बड़ा लालपुर स्टेडियम के पास के रहनेवाले दीपक पटेल, लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के लमही पोखरे के पास के अभिषेक राजभर, हाशिमपुर के आयुष विश्वकर्मा उर्फ लड्डू, मढ़वां के मनोज पटेल हैं।




इनके पास से 04 सोने के कंगन, 02 झुमका, 01 लक्ष्मीनारायण व शेषनाग की मूर्ति, 06 चांदी के सिक्के, 01 चांदी की मछली, 01 चांदी का चम्मच, 05 जोड़ी पायल, 21 बिछिया और 1870 रूपये बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि लमही स्थित रामजानकीपुरम के भवनस्वामी 31 दिसम्बर को मकान के ताले बंद कर परिवार समेत पैतृक गांव चले गये थे। इसी दौरान चोरों ने घर के ताले तोड़कर नकदी, आभूषण आदि चुरा लिये। गांव से लौटकर आने पर परिवार को घटना की जानकारी हुई तो भवनस्वामी ने तीन जनवरी को लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पूछताछ में चोरां ने बताया कि हमलोगों का संगठित गिरोह है।

हमलोग दिन में बंद मकानों की रेकी करते हैं और रात में वारदात को अंजाम दिया जाता है। चोरी के आभूषण राहगीरों या भोलीभाली महिलाओं को अपनी मजबूरी बताकर औने-पौने दामों पर बेच देते हैं। पांचों जुआ खेलने और नशे के आदी हैं। हमलोगां ने 31 दिसम्बर की रात रामजानकीपुरम के बंद मकान में चोरी की थी। चोरी के दौरान आभूषण और 12 हजार रूपये हाथ लगे थे। पुलिस ने बताया कि दीपक पटेल शातिर चोर है। इसके खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर, कैंट थानों में पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा अभिषेक राजभर भी चोरी का अभ्यस्त है। इन्हें गिरफ्तार करनेवाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, एसआई प्रभाकर सिंह, महेश मिश्रा, अरुण कुमार, हेड कांस्टेबल चन्द्रशेन सिंह, कांस्टेबल मनीष कुमार तिवारी, विशाल प्रसाद, सूरज तिवारी, शशि कुमार, राम प्रकाश सिंह, दिलीप कुमार रहे।

