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टकसाल शूटआउट मामले में हुई सुनवाई, कोर्ट में पूर्व सांसद धनंजय सिंह रहे मौजूद

ताबड़तोड़ बरसाई गईं थी गोलियां, सपा के बागी विधायक अभय सिंह हैं मुख्य आरोपी

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धनंजय सिंह
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वाराणसी, भदैनी मिरर। पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थिति टकसाल के समीप हुए वर्ष 2002 में हुए जानलेवा हमले के मामले में आज मंगलवार को वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान धनंजय सिंह खुद अदालत में मौजूद रहे।
मामले में मुख्य आरोपी समाजवादी पार्टी के बागी विधायक अभय सिंह का बयान पहले ही अदालत में दर्ज किया जा चुका है। कोर्ट ने अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए तारीख तय करते हुए कल यानी 8 अप्रैल को फिर सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
प्रकरण के अनुसार 4 अक्तूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व तत्कालीन केराकत विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से एक मरीज को देखकर जौनपुर लौट रहे थे। 
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कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हाॅल के पास पहुंचे, तभी बोलेरो गाड़ी में सवार गोसाईगंज विधायक अभय सिंह अपने 4-5 साथियों के साथ उतरे और ललकारते हुए साथियों के साथ धनंजय सिंह को जान से मारने की नियत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, गनर, ड्राइवर समेत अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया। 
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इस हमले में अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह समेत करीब सात लोगों को नामजद किया गया था।
धनंजय सिंह का बयान
सुनवाई के बाद धनंजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमला सुनियोजित था और अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि अभय सिंह वर्ष 1996 में हुए हेमंत सिंह हत्याकांड में भी मुख्य अभियुक्त रहे हैं, जबकि वह स्वयं उस मामले में सह-अभियुक्त थे।
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धनंजय सिंह ने कहा, “अभय सिंह करीब 54 महीने जेल में बंद रहे, उस दौरान भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में अब उनके समर्थकों से किसी मदद की उम्मीद नहीं है।
पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि अगली सुनवाई में बहस पूरी हो जाएगी।
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