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कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में हरिश्चंद्र महाविद्यालय का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गिरफ्तार

समाजवादी युवजन सभा का रह चुका है प्रदेश सचिव, बड़ा गणेश मंदिर के पास का है निवासी

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amit yadav
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मास्टरमाइंड शुभम जायवाल का रहा करीबी, उसके अवैध कारोबार का मददगार रहा

वाराणसी, भदैनी मिरर। यूपी एसटीएफ ने फेन्सेडिल कफ सिरप व कोडीन युक्त अन्य दवाओं को नशे के रूप में प्रयोग करने, अवैध भण्डारण और व्यापार करने वाले अमित कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। वह कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ा गणेश मंदिर के पास का रहनेवाला है। एसटीएफ ने उसके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल और 5,120 रूपये बरामद किये हैं। एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर अमित को हरहुआ रिंगरोड स्थित काशीधाम के पास से पकड़ा है। आपको बता दे कि अमित यादव इस कांड के मुख्य सरगना शुभम जायवाल का करीबी बताया गया है। समाजवादी पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा है और सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ उसकी फोटो वायरल हो रही है। वह वर्ष 2012 में हरिश्चंद्र महाविद्यालय छात्रसंघ का अध्यक्ष रहा। वह शुभम के अवैध कारोबार में मददगार रहा है। 

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गौरतलब है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामला अंतरराष्ट्रीय हो चुका है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। लेकिन पूरे खेल का मास्टरमाइंड शुभम जायवाल अबतक फरार है। जबकि उसके पिता भोला जायसवाल की करोड़ों की सम्पत्ति कुर्क कर ली गई है। इस कांड के खुलासे के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं और दबंगों के साथ आरोपितों के फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुए। लेकिन अमित की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि अपने को अधिवक्ता बताकर धौंस जमानेवाला यह व्यक्ति समाजवादी पार्टी से जुड़ा था। इसकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ फोटो अब वायरल हो रही है। 

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कफ सिरप तस्करी के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग, विभिन्न जनपदों की पुलिस जांच और गिरफ्तारियां कर रही हैं। इस मामले में लखनऊ के सुशान्त गोल्फ सिटी थाने में भी मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ ने आरोपित विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा एवं आलोक कुमार सिंह पूर्व में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में अमित कुमार यादव का नाम प्रकाश में आया था। पूछताछ में अमित ने एसटीएफ को बताया कि वह पूर्व में हरिश्चन्द्र स्नाकोत्तर महाविद्यालय वाराणसी का छात्रसंघ का अध्यक्ष व समाजवादी युवजन सभा का प्रदेश सचिव भी रह चुका है। हरिश्चन्द्र स्नाकोत्तर कालेज छात्रसंघ चुनाव के दौरान कालेज में पढने वाले छात्र शुभम जायसवाल से परिचय हुआ था। उसने बताया कि शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स है। एबॉट कंपनी की फेन्सेडिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची, झारखंड में है। इसका व्यापार बनारस में भी होता था। कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप नशे के रूप में प्रयोग होता है, जिसकी काफी डिमांड पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में है। इसकी तस्करी में बहुत फायदा है।

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इसी फायदे को देखकर शुभम् जायसवाल के कहने पर मैंने अपनी फर्म जीएल सर्जिकल के जरिए सप्तसागर दवा मंडी में शैली ट्रेडर्स से कोडीन युक्त फेन्सेडिल कफ सिरप की लगभग एक लाख शीशी खरीदी। इसकी कीमत करोड़ों रूपये थी। उसे खरीदने के बाद अन्य फर्म में फर्जी बिकी दिखाकर नशे के रूप में प्रयोग करने हेतु तस्करों को ऊंचे दाम में बेच कर लाभ अर्जित किया। अमित के खिलाफ 2017 में आदमपुर थाने में मारपीट, धमकी और 7 सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इससे पहले वर्ष 2015 और 17 में इसके खिलाफ कोतवाली थाने में दो मुकदमे दर्ज हुए। दारानगर और आसपास में उसकी दबंग की छवि थी। बताते हैं कि अभी पिछले दिनों वाराणसी कचहरी में बार चुनाव के दौरान भी वह सक्रिय था। कफ सिरप कांड में आरोपितों की गिरफ्तारी की सारी खबर उसको पता होती थी। इसके बावजूद वह घूम रहा था। पिछले दिनों जब उसे पता चला कि एसटीएफ उसे खोज रही है तो भूमिगत हो गया था। 

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