42.50 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच लोग गिरफ्तार
सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने झारखंड से किया गिरफ्तार
मोबाइल फोन, सिमकार्ड, चार पहिया वाहन और 60 हजार रूपये बरामद
वाराणसी, भदैनी मिरर। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की अपराध शाखा ने ट्रोजन SMS फॉरवर्डर आधारित APK भेजकर 42,50,000 रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना सहित पांच साइबर अपराधियों को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार पहिया वाहन और नकदी बरामद हुआ है।


पुलिस के अनुसार 8 दिसंबर 2025 को वाराणसी निवासी मदन मोहन मिश्रा ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 42.50 लाख रुपये उड़ा लिए। मामले में धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह का सुराग लगाते हुए धनबाद में दबिश दी और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करते थे ठगी
गिरफ्तार आरोपी पहले लोगों के मोबाइल पर Trojan और SMS Forwarder आधारित APK फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को इंस्टॉल करता, आरोपी उसके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और OTP हासिल कर खाते से रकम निकालकर ‘म्यूल अकाउंट’ में ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने इनके पास से 4 मोबाइल फोन, बिना नम्बर प्लेट का चार पहिया वाहन, दिल्ली पुलिस की नोटिस, 5 बैंक आधार अपडेट फॉर्म, एक फर्जी मुहर, कई सिमकार्ड, 66 हजार रूपये बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपितों का आपराधिक इतिहास है। इनके खिलाफ झारखंड में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक उदयवीर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और म्यूल अकाउंट संचालकों की तलाश कर रही है।

