वाराणसी में फायर ब्रिगेड की छापेमारी से हड़कंप, ताला बंद कर भागे कोचिंग संचालक; 8 सीज, 20 को नोटिस
लखनऊ अग्निकांड के बाद वाराणसी में 'फायर सेफ्टी' अभियान; 5 टीमों ने संभाला मोर्चा, एग्जिट गेट पर खामियां देख भड़के अधिकारी
Coaching Center Sealing News Varanasi (भदैनी मिरर): लखनऊ के एक इंस्टीट्यूट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी का जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को वाराणसी के विभिन्न इलाकों में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फायर सेफ्टी को लेकर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।


मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग और लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम जैसे ही सड़क पर उतरी, कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।
चेकिंग देखते ही ताला लगाकर भागे संचालक, बैनर-पोस्टर छिपाए
अभियान की शुरुआत भोजूवीर और अर्दली बाजार से होते हुए पांडेयपुर क्षेत्र तक पहुंची। पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां देखते ही कई नामचीन कोचिंग संस्थानों के संचालक सेंटरों पर ताला लटकाकर मौके से फरार हो गए। यही नहीं, कार्रवाई के डर से कई प्रतिष्ठानों ने आनन-फानन में अपने ब्रांडिंग बोर्ड, बैनर और पोस्टरों को हटाना शुरू कर दिया, तो कुछ जगहों पर संचालकों ने विज्ञापन बोर्डों को कागज से ढक दिया।

लाइब्रेरी और कोचिंग्स में मिलीं घातक कमियां: सीएफओ
सीओ आनंद सिंह राजपूत ने 'भदैनी मिरर' से बातचीत में बताया कि चेकिंग के दौरान कई गंभीर लापरवाही सामने आई हैं। प्रथम दृष्टया जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं:
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एग्जिट रूट ब्लॉक: अधिकांश संस्थानों में आपातकालीन निकास (Exit Gate) के रास्ते में ही एसी (AC) की आउटडोर यूनिट्स लगाई गई थीं, जो नियमों के खिलाफ है।
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लापरवाही का अंबार: एक चलती हुई लाइब्रेरी की जांच की गई जहां भारी संख्या में छात्र पढ़ रहे थे, लेकिन वहां एग्जिट रूट में प्लाईवुड का कबाड़ रखा था और बिजली का मेन पैनल भी उसी रास्ते में था। इसके अलावा एक एग्जिट गेट पूरी तरह बंद मिला।
8 कोचिंग संस्थान सीज, 20 को थमाई गई नोटिस
सीएफओ ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में लगभग 8 कोचिंग संस्थानों को सीज करने की प्रक्रिया की गई है और 15 से 20 सेंटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूरे शहर को खंगालने के लिए विभाग की 5 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो समानांतर रूप से विभिन्न क्षेत्रों में चेकिंग कर रही हैं।

चसपा होगी नोटिस, नहीं सुधरे तो कटेगी बिजली: सीएफओ ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जो संचालक भाग गए हैं, उनकी बिल्डिंग पर नोटिस चसपा (चिपका) दी जाएगी। यदि तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन (Compliance) नहीं किया गया, तो विद्युत विभाग को पत्र लिखकर उस संस्थान का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा।
वाराणसी के कमर्शियल हब और कोचिंग्स के लिए गाइडलाइंस
वाराणसी अब एक बड़ा एजुकेशन हब बन चुका है, जहां तंग गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक धड़ल्ले से कोचिंग और लाइब्रेरी चल रही हैं। इसे देखते हुए सीएफओ ने संचालकों के लिए सख्त संदेश जारी किया है:
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रास्ता साफ रखें: आपातकालीन रास्तों (Exit Routes) को हमेशा पूरी तरह खाली और खुला रखें। छत या नीचे जाने वाले गेट पर ताला बिल्कुल न लगाएं।
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संसाधन दुरुस्त हों: भवनों में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) पर्याप्त मात्रा में हों और केवल दिखावे के लिए न हों, बल्कि वहां मौजूद स्टाफ को उन्हें चलाना भी आता हो।
प्रशासन की इस कड़क कार्रवाई से शहर के अन्य इलाकों में चल रहे अवैध और असुरक्षित संस्थानों में हड़कंप का माहौल है।
