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वाराणसी में 50 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोप में BJP जिला उपाध्यक्ष, उपनिबंधक समेत 10 पर FIR दर्ज

डायलिसिस के बहाने सेवानिवृत्त शिक्षक की 70 बिस्वा जमीन का फर्जी बैनामा, सीजेएम कोर्ट के आदेश पर रोहनिया पुलिस ने शुरू की जांच।

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वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बीमार सेवानिवृत्त शिक्षक की मजबूरी का फायदा उठाकर करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 70 बिस्वा पुश्तैनी जमीन हड़पने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला उपाध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

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इस हाई-प्रोफाइल मामले में गंगापुर के तत्कालीन उपनिबंधक (Sub-Registrar) अनिल कुमार और निबंधन कार्यालय के लिपिक (Clerk) सत्यांशु सिंह को भी सह-आरोपी बनाया गया है। रोहनिया थाने की पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के आदेश पर 5 जुलाई 2026 को यह बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

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डायलिसिस के बहाने रची गई पूरी साजिश

रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता के अनुसार, उनके पति ओमप्रकाश मिश्रा एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और पिछले दो वर्षों से गंभीर किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें सप्ताह में दो बार डायलिसिस के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है।

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आरोप है कि पीड़ित के सगे भतीजे विशाल मिश्रा और घरेलू ड्राइवर रवि उपाध्याय ने इलाज में मदद करने और आयुष्मान कार्ड बनवाकर चिकित्सा खर्च कम कराने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपियों ने ओमप्रकाश मिश्रा के नाम पर एक नया बैंक खाता खुलवाया और उनके पेंशन खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर को भी बदलवा दिया, ताकि किसी भी वित्तीय लेनदेन की भनक परिवार को न लग सके।

अचेतावस्था में मात्र 7 मिनट के भीतर करा ली रजिस्ट्री

दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, बीती 7 अप्रैल 2026 को विशाल मिश्रा और रवि उपाध्याय, बीमार ओमप्रकाश मिश्रा को डायलिसिस के लिए महमूरगंज स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल ले गए थे। डायलिसिस की प्रक्रिया के बाद ओमप्रकाश पूरी तरह अचेत (बेहोश) थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी उन्हें सीधे गंगापुर निबंधन कार्यालय ले गए।

आरोप है कि तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और लिपिक सत्यांशु सिंह की मिलीभगत से शाम 4:34 बजे से 4:41 बजे के बीच (मात्र 7 मिनट के भीतर) करीब 70 बिस्वा जमीन का बैनामा और दो दानपत्र आरोपियों व उनके करीबियों के नाम दर्ज करा लिए गए। इतना ही नहीं, उसी रात 11:31 बजे से 11:35 बजे के बीच पूरी संपत्ति का विक्रय पत्र और अनुबंध पत्र भी आनन-फानन में निष्पादित करा लिया गया।

जालसाजी के खेल में ये बने हैं आरोपी

प्रमिला मिश्रा की तहरीर पर रोहनिया पुलिस ने कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की सूची में शामिल हैं:

  1. विशाल मिश्रा (भतीजा, निवासी मोहनसराय)

  2. रवि उपाध्याय (घरेलू ड्राइवर, निवासी मोहनसराय)

  3. वरुणापति उपाध्याय (निवासी दरेखूं)

  4. प्रवीण कुमार सिंह (निवासी दरेखूं)

  5. नितेश राय (निवासी घौसाबाद सनराइज टाउन यमुना अपार्टमेंट)

  6. सुरेश कुमार सिंह (भाजपा जिला उपाध्यक्ष, निवासी सुंदरी सदन, छित्तूपुर, लंका)

  7. अजय कुमार तिवारी (निवासी सिखड़ी बरकी)

  8. प्रशांत कुमार सिंह (निवासी नरऊर)

  9. अनिल कुमार (तत्कालीन उपनिबंधक, गंगापुर)

  10. सत्यांशु सिंह (निबंधन लिपिक)

पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियां, नकाबपोश कर रहे रेकी

पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस पहले कार्रवाई से कतरा रही थी। उन्होंने रोहनिया थाना और पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी। पीड़िता का आरोप है कि अब मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और कुछ अज्ञात नकाबपोश युवक उनके घर व परिवार की रेकी कर रहे हैं, जिससे पूरा परिवार खौफ में है।

मामले पर जिम्मेदार पक्षों के बयान

"कोर्ट के आदेश पर मोहनसराय में 70 बिस्वा जमीन हड़पने के इस गंभीर मामले में उपनिबंधक और लिपिक सहित 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्षता से गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" — अवधेश विश्वकर्ता, एसीपी रोहनिया

"चाचा (ओमप्रकाश मिश्रा) ने स्वयं कोर्ट में जाकर अपने भतीजे के नाम जमीन दान की थी। भतीजे ने वही जमीन नियमों के तहत मुझे बेची है। जमीन खरीदने से पहले मैंने सारे राजस्व अभिलेख (कागजात) देखे थे, जिसमें जमीन भतीजे के नाम दर्ज थी। मैंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रजिस्ट्री कराई है। यदि इसमें कोई तकनीकी या कानूनी गलती है, तो उसके लिए उनका भतीजा जिम्मेदार है।" — सुरेश कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा

"इस प्रकार की घटना बेहद शर्मनाक है और यह दर्शाती है कि सत्ता की आड़ में भाजपा के लोग किस तरह की जालसाजी और भू-माफियागिरी को अंजाम दे रहे हैं। बीमार बुजुर्ग शिक्षक के साथ इस तरह का कृत्य करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आने वाले चुनावों में जनता इस अराजकता का मुंहतोड़ जवाब देगी।" — अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस