इंग्लिशिया लाइन फूलमंडी विवाद पर नगर निगम का पक्ष: किसानों को मिलेगा मुफ्त व्यापार स्थल, खत्म किया गया बिचौलियों का सिंडिकेट
नगर निगम PRO संदीप श्रीवास्तव बोले— 400–500 किसानों को सीधा लाभ देने की तैयारी
वाराणसी, भदैनी मिरर। इंग्लिशिया लाइन स्थित फूलमंडी को नगर निगम द्वारा खाली करवाए जाने और पुनः संचालन को लेकर चल रहे विवाद पर नगर निगम वाराणसी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। इस संबंध में नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने भदैनी मिरर से विशेष बातचीत की।



संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में स्थित लगभग 11 हजार वर्ग फीट भूमि रक्षा संपदा की है, जो नगर निगम के प्रबंधनाधीन आती है। इस भूमि पर बीते करीब 50 वर्षों से 400 से 500 स्थानीय किसान फूल-माला के व्यापार से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के संज्ञान में यह बात आई थी कि कुछ बिचौलियों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इसको लेकर नगर निगम को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। चूंकि यह भूमि नगर निगम के नियंत्रण में थी, इसलिए किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए इस पर कार्रवाई की गई।

नगर निगम PRO ने स्पष्ट किया कि निगम का उद्देश्य किसानों को हटाना नहीं, बल्कि उन्हें सीधा लाभ पहुंचाना है। इसी क्रम में निर्णय लिया गया है कि सभी किसानों को यह भूमि निःशुल्क फूल-माला व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से वाराणसी और आसपास के जिलों के फूल उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। अब किसान बिना किसी मध्यस्थ के सीधे नगर निगम से जुड़े रहेंगे और उनके शोषण की संभावना खत्म होगी।
संदीप श्रीवास्तव ने आगे बताया कि किसानों से सीधे अनुबंध की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर निगम के नायब तहसीलदार को मौके पर तैनात किया गया है। वे किसानों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर रहे हैं और नियमानुसार स्थान आवंटन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
नगर निगम का दावा है कि जल्द ही फूलमंडी का संचालन व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी मॉडल पर शुरू किया जाएगा, जिससे लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकल सके।
