वाराणसी के डॉ. मनोज कुमार शाह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के CGHS ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप के सदस्य नामित
उत्तर प्रदेश से एकमात्र नामित सदस्य बने डॉ. शाह; 43 लाख से अधिक पंजीकृत लाभार्थियों वाली इस केंद्रीय स्वास्थ्य योजना के नीतिगत सुधारों में निभाएंगे अहम भूमिका
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी और पूर्वांचल के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में सुधारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नीतिगत विषयों पर परामर्श के लिए गठित 'ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप' में वाराणसी के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य उद्यमी एवं सलाहकार डॉ. मनोज कुमार शाह को सदस्य के रूप में नामित किया है। 9 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, डॉ. शाह इस महत्वपूर्ण समूह में उत्तर प्रदेश से इकलौते नामित सदस्य हैं। उनका यह नामांकन 'हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इंडिया' (NATHEALTH) की ओर से किया गया है।

क्या है CGHS योजना और क्यों अहम है यह जिम्मेदारी?
केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) केंद्र सरकार के सेवारत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके पात्र आश्रितों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली देश की एक प्रमुख योजना है।
इस योजना के अंतर्गत 43,67,202 से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं और देश भर में 2,824 स्वास्थ्य संस्थान पैनलबद्ध हैं।
इतने बड़े और व्यापक नेटवर्क में गुणवत्तापूर्ण उपचार, पारदर्शी बिलिंग, समयबद्ध चिकित्सा दावों का निस्तारण (Medical Claims Settlement) और मरीजों की शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
यह ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप अस्पतालों की पैनल प्रक्रिया, रोगी सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन, बिलिंग प्रक्रिया और व्यवस्थागत समस्याओं पर विचार-विमर्श कर नीतिगत सुझाव देगा।
डॉ. मनोज कुमार शाह का अनुभव और विजन
डॉ. मनोज कुमार शाह को रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेवाओं और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का लंबा अनुभव है।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. शाह ने कहा कि उनका मुख्य जोर स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विवेकपूर्ण उपयोग, मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर रहेगा।
इसके अलावा, डॉ. शाह वाराणसी के प्रसिद्ध रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक के रूप में भी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस स्वास्थ्य पैनल में उनकी सहभागिता से न केवल वाराणसी बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के चिकित्सा जगत को एक मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है।
