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वाराणसी पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री बोले – “देश को कागज़ों पर नहीं, लोगों के दिलों में हिंदू राष्ट्र चाहिए”

कहा – देश में सबसे ज़्यादा ज़हर जातिवाद से फैल रहा है, हमें चाहिए राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता | 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे | राजनीति पर सवाल से किया किनारा

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वाराणसी, भदैनी मिरर। बागेश्वर धाम के प्रमुख कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को वाराणसी पहुंचे। पहुंचते ही उन्होंने देश की सामाजिक स्थिति और हिंदू एकता पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “आज देश में सबसे ज़्यादा ज़हर जातिवाद फैला रहा है, जबकि हमें कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद चाहिए।”

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उन्होंने आगे कहा कि “भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सामाजिक समरसता जरूरी है। हम इस देश में लोगों को जोड़ना चाहते हैं, बांटना नहीं। हमें ऐसा भारत चाहिए जो पुराना भारत बने – जिसमें एकता और संस्कार हो।”

दिल्ली से वृंदावन तक हिंदू राष्ट्र पदयात्रा

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि 7 नवंबर से 16 नवंबर 2025 तक वे दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे। यह यात्रा “हिंदू राष्ट्र और हिंदू एकता” को समर्पित होगी। उन्होंने कहा – “इस यात्रा का उद्देश्य यमुना शुद्धिकरण को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना भी है। हमें सरकार से कुछ नहीं चाहिए। हमें भारत को कागज़ों पर नहीं, लोगों के दिलों में हिंदू राष्ट्र बनाना है।”

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“हिंदू राष्ट्र कागज़ों पर नहीं, विचारों में चाहिए”

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा – “दुनिया में 65 से अधिक देश मुस्लिम राष्ट्र हैं, 95 से अधिक देश ईसाई हैं, एक देश बौद्धों के लिए है। तो लगभग 140 करोड़ हिंदू होने के बावजूद भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों नहीं होना चाहिए? हमारी 80 करोड़ हिंदू आबादी को अपनी संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए एकजुट होना होगा।”

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उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का अर्थ किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि “आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने और अपने संस्कारों को बचाने” का प्रयास है।

राजनीतिक सवालों से बचते नज़र आए

जब पत्रकारों ने धीरेंद्र शास्त्री से राजनीति से जुड़े सवाल पूछे, तो उन्होंने जवाब देने से परहेज किया। कहा – “हमारा उद्देश्य राजनीति नहीं, समाज को जोड़ना है। “हम इस देश में जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद चाहते हैं। भारत को कागज़ों पर नहीं, लोगों के दिलों में हिंदू राष्ट्र बनाना है। हमारी यात्रा समाज में समरसता और यमुना शुद्धिकरण के लिए है।”