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वाराणसी में राष्ट्रीय पक्षी की मौत: घटनास्थल पर बिखरे मिले पंख, जांच में जुटी वन विभाग की टीम

मिर्जामुराद: अषाढ़ गांव में मोर की संदिग्ध मौत, पुलिस और वन विभाग ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

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मोर की मौत
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वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के अषाढ़ गांव में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने गांव के ही एक रिहायशी इलाके में मृत मोर को देखा। शुक्रवार सुबह करीब 5:00 बजे, अषाढ़ गांव के निवासी निहाला मिश्रा के घर के ठीक सामने मौजूद बांस की कोठी (बांस के झुरमुट) के पास ग्रामीणों ने मोर को अचेत अवस्था में देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि मोर की मौत हो चुकी थी।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर चारों तरफ मोर के पंख बिखरे हुए थे। राष्ट्रीय पक्षी की इस तरह मौत की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। राष्ट्रीय पक्षी से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन ने बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू की: सूचना मिलते ही मिर्जामुराद थाने के स्थानीय चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तुरंत इस संवेदनशील मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने पंचनामा भरकर मोर के शव को अपने कब्जे में ले लिया।

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फिलहाल मोर की मौत की वास्तविक वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच के आधार पर कुछ अनुमान लगाए जा रहे हैं। घटनास्थल पर बिखरे पंखों और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस और वन विभाग का प्रथम दृष्टया मानना है कि तड़के किसी वक्त आवारा कुत्तों के झुंड ने मोर पर हमला किया होगा, जिससे उसकी जान चली गई।

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हालांकि, वन विभाग किसी भी अन्य संभावना (जैसे जहर दिया जाना या शिकार) को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय पक्षी की मौत के मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी प्रक्रिया अपनाई जाती है। मौत के सटीक और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मोर के शव को पशु अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन्यजीव अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मोर की मौत अंदरूनी चोटों, दम घुटने या किसी अन्य वजह से हुई है। रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग आगे की कानूनी व नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई करेगा।