वाराणसी: ईद बाद दालमंडी में फिर हुई मुनादी, चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण अभियान शुरू
186 भवन चिन्हित, ईद के बाद तेज हुई कार्रवाई; सीवर-पानी लाइन और ड्रेनेज सिस्टम भी होगा दुरुस्त
वाराणसी। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी में एक बार फिर चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हो गया है। ईद के बाद सोमवार से पीडब्ल्यूडी ने इस अभियान को तेज करते हुए चिन्हित भवनों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भवन खाली कराने के लिए कराई गई मुनादी


लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से दालमंडी क्षेत्र में दुकानों और मकानों को खाली कराने के लिए मुनादी कराई गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चिन्हित भवनों को जल्द खाली कर लिया जाए, ताकि चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाई जा सके।
186 भवन चिन्हित, 40 से अधिक की हो चुकी रजिस्ट्री

इस परियोजना के तहत पूरी गली में कुल 186 भवनों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 40 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। वहीं, कई भवन स्वामी चौक थाने में बनाए गए पीडब्ल्यूडी के कैंप कार्यालय में पहुंचकर रजिस्ट्री से पहले जानकारी जुटा रहे हैं।
ध्वस्तीकरण कार्य पूरा होने के बाद इलाके में सीवर और पेयजल लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा। वर्तमान में जर्जर हो चुकी पाइपलाइन को बदलकर नई लाइन बिछाई जाएगी।

नगर निगम की ओर से पुराने ड्रेनेज सिस्टम की जगह नई ब्रांच लाइन विकसित की जाएगी, जिससे जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
पुराने बनारस की गलियों में बड़ा बदलाव
दालमंडी, काशी के पक्के महाल यानी पुराने बनारस के प्रमुख इलाकों में से एक है, जहां रिहायशी मकान अब व्यावसायिक गतिविधियों में बदल चुके हैं। यहां सीवर और जल निकासी की जटिल समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसे इस योजना के जरिए दूर करने की तैयारी है।
पूर्वांचल का बड़ा थोक बाजार
दालमंडी बाजार पूर्वांचल के सबसे बड़े थोक बाजारों में गिना जाता है, जहां रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस परियोजना के तहत 650 मीटर लंबी सड़क को 17 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा।
इसके अलावा, इलाके में डक्ट सिस्टम, साइन बोर्ड और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे व्यापार और यातायात दोनों को सुविधा मिलेगी।
