कफ सिरप तस्करी: शुभम जायसवाल समेत 40 कारोबारियों पर बढ़ेंगी गंभीर धाराएं, SIT तैयार कर रही गैंग चार्ट
फर्जी कंपनियों की लेन-देन से लेकर दुबई नेटवर्क तक की छानबीन शुरु
Updated: Dec 1, 2025, 11:31 IST
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वाराणसी/लखनऊ। प्रतिबंधित कफ सिरप तस्करी मामले में SIT और STF की संयुक्त कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। अधिकारीयों ने निर्णय लिया कि शुभम समेत 40 दवा कारोबारियों पर एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
तीन साल के बैंक स्टेटमेंट खंगाले जाएंगे
बैठक में संदिग्ध फर्मों के पिछले तीन वर्षों के बैंक लेन-देन की जांच के आदेश दिए गए। गिरफ्तार भोला प्रसाद को रिमांड पर वाराणसी लाकर पूछताछ की जाएगी। डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि मामले में कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे को भी SIT की जांच में शामिल किया गया है और कुल 40 कारोबारियों पर धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



बर्खास्त सिपाही, पूर्व सांसद और अमित टाटा पर भी कसा शिकंजा
तस्करी नेटवर्क में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, उसके सहयोगी अमित सिंह उर्फ अमित टाटा, और एक पूर्व सांसद की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
STF की जांच में खुलासा हुआ कि इन लोगों ने फर्जी कंपनियों के नाम पर करोड़ों का लेन-देन किया था और ई-बिल तैयार करवाकर तस्करी को अंजाम दिया।

सूत्रों के अनुसार, पूरा नेटवर्क दुबई में बैठे शुभम जायसवाल की कमान में चलता था, जबकि पूर्वांचल के एक प्रभावशाली पूर्व बाहुबली सांसद ने इस ‘खेल’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
SIT बना रही पूरा गैंग चार्ट
लखनऊ में SIT ने तफ्तीश की रफ्तार तेज कर दी है। मास्टरमाइंड शुभम, उसके सहयोगी वरुण सिंह, गौरव जायसवाल, और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह समेत पूरे गिरोह का पूरा गैंग चार्ट तैयार किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी और साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी चल रही है।
दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
भोला प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि वह वही करता था, जो शुभम दुबई से निर्देश देता था। उसके नाम पर ही कई फर्जी कंपनियां, बैंक खाते और लेन-देन संचालित होते थे।
एजेंसियां अब दुबई से जुड़े उस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं जिसके जरिए कफ सिरप की भारी मात्रा में तस्करी की जाती थी।
इसके अलावा शुभम के नजदीकी गौरव जायसवाल, वरुण सिंह और वाराणसी के कई बड़े प्रॉपर्टी डीलरों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ चुकी है।
आगे क्या?
एजेंसियों के हाथ नए वित्तीय दस्तावेज और बैंक लेन-देन आने के बाद मामले में और कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
जल्द ही SIT उन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और संपत्ति पर कार्रवाई शुरू कर सकती है, जिनके नाम फर्जी लेन-देन और कंपनियों से जुड़े मिले हैं।

