कफ सिरप तस्करी: अमित सिंह टाटा और अमित यादव की VC से हुई पेशी, कोर्ट ने मंजूर की न्यायिक रिमांड
लखनऊ जेल से हुई आरोपियों की हाजिरी, मास्टरमाइंड प्रशांत की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में पुलिस
वाराणसी। कोडीनयुक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ वाराणसी पुलिस की कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। लखनऊ जेल में बंद कुख्यात आरोपी अमित सिंह टाटा और अमित यादव की शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए अदालत में पेशी हुई।
2 मई को होगी अगली सुनवाई
अपर जिला जज एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक रिमांड स्वीकार कर ली है। गौरतलब है कि पिछले कई मौकों पर वारंट-बी के तहत इन्हें तलब किया जा रहा था, लेकिन तकनीकी कारणों से पेशी नहीं हो पा रही थी। शनिवार दोपहर 3 बजे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच वीसी के माध्यम से उनकी हाजिरी लगवाई गई। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 मई की तिथि निर्धारित की है।


विवेचक ने अदालत को सूचित किया कि लखनऊ में कफ सिरप तस्करी के एक अन्य मामले में पकड़े गए ये दोनों आरोपी वाराणसी के कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में भी वांछित हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के बाद सप्लाई चेन और तस्करी के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।

फरार आरोपी प्रशांत की संपत्ति कुर्की पर फैसला 27 को
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य बड़ी कार्रवाई में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रशांत उपाध्याय की संपत्ति जब्त और कुर्क करने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रशांत ने एक फर्जी फर्म बनाकर मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर कई राज्यों में अवैध कफ सिरप का काला कारोबार फैला रखा था।

शनिवार को सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में वकालतनामा दाखिल कर पुलिस की इस अर्जी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय मांगा। अदालत ने समय देते हुए संपत्ति कुर्की के मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है।
