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वाराणसी में कप सिरप सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई: 12 नई दवा फर्मों पर मुकदमा, कुल संख्या 38 पहुंची; कई सरगना शामिल

ड्रग विभाग की जांच में सामने आए नए फर्जी फर्म-बिलिंग तो हुई, दुकानें बंद मिलीं; शुभम जायसवाल नेटवर्क के कई करीबी रडार पर

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वाराणसी। प्रतिबंधित कोडीन फास्फेट युक्त कप सिरप तस्करी मामले में वाराणसी में बड़ी कार्रवाई हुई है। ड्रग विभाग ने जांच तेज करते हुए 12 नई दवा फर्मों पर मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद इस केस में शामिल फर्मों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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इससे पहले विभाग ने सरगना शुभम जायसवाल सहित 28 फर्मों पर मुकदमा दर्ज कराया था। अब नई जांच में जिन 12 फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दी गई है, वे सभी या तो बंद मिलीं, या उनके पते पर कोई और दुकानें संचालित होते पाई गईं। नोटिस भेजने के बावजूद इन फर्म मालिकों ने न तो जवाब दिया और न ही लाइसेंस की वैधता या कारोबार की स्थिति स्पष्ट की।

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शुभम जायसवाल नेटवर्क के कई करीबी के नाम आए सामने

ड्रग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन फर्मों पर कार्रवाई हुई है उनमें कई नाम ऐसे हैं जिनका सीधा कनेक्शन शुभम जायसवाल के रिश्तेदारों और नेटवर्क से है। जांच में प्रशांत उपाध्याय का नाम भी सामने आया है, जिस पर पहले से ही प्रतिबंधित कप सिरप की खरीद-बिक्री के आरोप लगते रहे हैं।

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दवा फर्में बंद, लेकिन भारी मात्रा में कप सिरप की बिलिंग

ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, सभी 12 फर्मों के नाम पर शैली ट्रेडर्स (झारखंड) से भारी मात्रा में कप सिरप की बिलिंग की गई थी। लेकिन जब जांच टीम मौके पर पहुंची, तो- दुकानें बंद मिलीं,  किसी तरह का स्टॉक मौजूद नहीं मिला और अन्य दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया। 
जांच अधिकारियों का मानना है कि इन फर्मों ने लाइसेंस लेकर सिर्फ कप सिरप की अवैध बिक्री की और दुकानें चालू ही नहीं रखीं, ताकि कार्रवाई से बच सकें।


38 फर्मों पर एक साथ केस-दवा मंडी में दहशत

एक ही मुकदमे में 38 फर्मों पर केस दर्ज होने से दवा मंडी और अन्य क्षेत्रों के दवा कारोबारियों में डर का माहौल है। इस बीच पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त SIT टीम सप्तसागर दवा मंडी सहित कई इलाकों में दस्तावेज खंगाल रही है और दुकानों से साक्ष्य जुटा रही है।


शुभम जायसवाल का नेटवर्क कैसे चलता था? जांच में बड़ा खुलासा

जांच में सामने आया है कि सरगना शुभम जायसवाल फर्मों के नाम पर बिलिंग करा कर कप सिरप की खेप दूसरी जगह भेज देता था।

  • फर्मों पर सिरप पहुंचता नहीं था, सिर्फ बिलिंग होती थी
  • असली माल को तस्करी चैनल में भेज दिया जाता था
  • और मुनाफे का एक हिस्सा फर्म मालिकों को कमीशन के रूप में दिया जाता था

लखनऊ में गिरफ्तार अमित सिंह उर्फ अमित टाटा, जो शुभम का गॉडफादर माना जाता है, ने STF के सामने स्वीकार किया है कि कप सिरप को यूपी, बिहार, झारखंड, नेपाल और बांग्लादेश तक सप्लाई किया जाता था।


मुख्य सरगना शुभम जायसवाल अब भी फरार-दुबई में होने की पुष्टि

मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल पहले ही दुबई भाग चुका है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके इंटरनेशनल नेटवर्क और अवैध सप्लाई चेन की भी अब गहराई से जांच की जा रही है।

 
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