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UP SI भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ विकल्प पर विवाद, काशी में ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन; जांच और कार्रवाई की मांग

प्रश्नपत्र में ‘अवसरवादी’ के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द आने से आक्रोश; वाराणसी में गंगा तट पर विरोध प्रदर्शन, पेपर सेटर और एजेंसी पर कार्रवाई की मांग

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उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर वाराणसी में ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध जताते हुए गंगा तट पर प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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प्रश्नपत्र के विकल्प को लेकर उठा विवाद

बताया जा रहा है कि परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र में ‘अवसरवादी’ शब्द से संबंधित एक प्रश्न में विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द दिया गया था। इसको लेकर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

काशी में गंगा तट पर विरोध प्रदर्शन

इस मुद्दे को लेकर वाराणसी में ब्राह्मण समाज के लोगों ने गंगा तट पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की और उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी व्यक्ति विशेष की गलती नहीं बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का मामला है।

जिम्मेदार एजेंसी और पेपर सेटर पर कार्रवाई की मांग

ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसी और पेपर सेट करने वाले लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। यदि किसी की गलती या साजिश सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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‘साजिश के तहत जोड़ा गया विकल्प’ का आरोप

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल करना एक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उनका कहना है कि इससे समाज की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।

सरकार से जांच की मांग

प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

ब्राह्मण समाज का कहना है कि किसी भी समुदाय या वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को इस मामले में स्पष्ट और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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