प्रभु श्रीराम के चढ़ावे में 'चोरी और डकैती' के खिलाफ वाराणसी में कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल से FIR और निष्पक्ष जांच की मांग
"चोर ही कर रहा है चोरी की जांच..." - कांग्रेस नेताओं ने एसआईटी (SIT) पर उठाए सवाल, कलेक्ट्रेट पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा
Congress Protest in Varanasi (भदैनी मिरर): अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावे, चंदे और चरण पादुका चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बुधवार को वाराणसी जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पर जोरदार प्रदर्शन किया।


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और एडीएम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
कलेक्ट्रेट पर प्रशासन से नोकझोंक, गेट बंद करने पर भड़के कांग्रेसी
प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया।

महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रशासन के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह प्रशासन का दोहरा रवैया है। अभी कुछ दिन पहले इसी मुख्यालय पर भाजपा के लोगों ने आक्रोश सभा की थी और हमारे शीर्ष नेताओं की आलोचना की थी, तब उन्हें खुली छूट थी। आज जब हम गांधी के सिपाही शांतिपूर्ण तरीके से पत्रक देने आ रहे थे, तो गेट बंद कर दिया गया। हालांकि, हमारे अनुरोध पर बाद में एडीएम महोदय ने गेट खोलकर हमारा पत्रक स्वीकार किया।"

जांच कमेटी में विपक्ष, निष्पक्ष पत्रकारों और वकीलों को मिले जगह: राघवेंद्र चौबे
राघवेंद्र चौबे ने सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी (SIT) पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए:
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जांच समिति में प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
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निष्पक्ष और निष्ठावान पत्रकारों को इसका हिस्सा बनाया जाए।
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विधि व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठित वकीलों को भी कमेटी में जगह मिले।
चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं की तरह इस बार भी सरकार लिपापोती करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।
"चोर ही कर रहा है जांच, SIT प्रमुख खुद दागी" - संजीव सिंह का तीखा हमला
कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सरकार और आरएसएस (RSS) पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए। संजीव सिंह ने कहा, "यह सीधे तौर पर 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' और नेचुरल जस्टिस का कत्ल है। जिस व्यक्ति या तंत्र पर चोरी का आरोप है, वही इसकी जांच करा रहा है। एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारी खुद दागी हैं, जिनके कार्यकाल में पूर्व के आयोजनों में बड़ी खामियां सामने आई थीं।"
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्व के कथित घोटालों की याद दिलाते हुए कहा: "पहले ₹100 करोड़ के चंदे की चोरी का आरोप लगा, फिर जमीन की खरीद-फरोख्त में करोड़ों के हेरफेर की बात सामने आई। कहीं किसी के घर से नकदी मिल रही है तो कहीं सोना-चांदी बोरे में भरकर बाहर ले जाने की खबरें आ रही हैं। सनातन हिंदू समाज में अगर गांव के मंदिर का घंटा भी चोरी हो जाए तो लोग चोर का सामाजिक बहिष्कार कर देते हैं। आज पूरे देश के सनातनी भाइयों को सोचना होगा कि भगवान के चढ़ावे और आभूषणों पर डाका डालने वाले इन लोगों का क्या किया जाए।"
मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल का भी उठा मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकाल) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में बड़े पैमाने पर जमीनों और संसाधनों की लूट चल रही है। कांग्रेस ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि आम जनमानस की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस महाघोटाले की जांच वर्तमान हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके।



