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वाराणसी जीआरपी कैंट पुलिस का सराहनीय कार्य: 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत महज 30 मिनट में खोजा 4 साल का मासूम, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बिहार से आए यात्री का सर्कुलेटिंग एरिया में गुम हो गया था इकलौता लाल; सीसीटीवी कैमरों और त्वरित सर्च अभियान से मिली सफलता

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भदैनी मिरर: वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) की मुस्तैदी और तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस महानिदेशक (रेलवे) श्री प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक श्री एन. कोलान्ची और पुलिस अधीक्षक रेलवे (प्रयागराज अनुभाग) श्री प्रशांत वर्मा के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत जीआरपी कैंट पुलिस ने एक सराहनीय मिसाल पेश की है। पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर से गुम हुए एक 4 वर्षीय मासूम बच्चे को महज 30 मिनट के भीतर सकुशल बरामद कर उसके रोते-बिलखते माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।

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भीड़भाड़ के बीच अचानक ओझल हो गया था 4 साल का ऋषभ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (26 जून 2026) को बिहार के सीतामढ़ी जिले (ग्राम महेसिया, पो० सुभाषपुर, थाना रीगा) के रहने वाले आशिक पटेल अपने परिवार के साथ वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान स्टेशन परिसर की भारी भीड़भाड़ के बीच उनका 4 वर्षीय पुत्र ऋषभ पटेल अचानक कहीं लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब बच्चा नहीं मिला, तो बदहवास पिता ने तुरंत इसकी सूचना जीआरपी कैंट थाने में दी।

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सीसीटीवी खंगाले, 30 मिनट में सिगरा साइड मिला मासूम

बच्चे के गुम होने की संवेदनशील सूचना मिलते ही जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक श्री रजोल नागर ने बिना वक्त गंवाए तुरंत एक विशेष सर्च टीम का गठन किया। उपनिरीक्षक सुखबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों (Waiting Halls), एंट्री-एग्जिट गेट्स और चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

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इसके साथ ही, स्टेशन सुरक्षा कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जाने लगा। पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी और त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि घटना के मात्र 30 मिनट के भीतर सर्कुलेटिंग एरिया (सिगरा साइड) में एक बच्चा अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने तुरंत बच्चे को अपनी सुरक्षात्मक कस्टडी में लिया। प्यार से पूछताछ करने पर बच्चे ने अपना नाम ऋषभ पटेल बताया, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

परिजनों ने पुलिस टीम का जताया आभार

कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जीआरपी टीम ने मासूम ऋषभ को उसके पिता आशिक पटेल के सुपुर्द कर दिया। आधे घंटे के भीतर अपने खोए हुए कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों से आंसू छलक आए। पीड़ित परिवार ने वाराणसी जीआरपी टीम और पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की भूरि-भूरि प्रशंसा की और सहृदय आभार व्यक्त किया।

सराहनीय कार्य करने वाली जीआरपी की जांबाज टीम:

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने में मुख्य रूप से निम्नलिखित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे:

  1. श्री रजोल नागर (प्रभारी निरीक्षक, थाना जीआरपी कैण्ट वाराणसी)

  2. उ०नि० सुखबीर सिंह (थाना जीआरपी कैण्ट वाराणसी)

  3. हे०का० राकेश जयसवाल (थाना जीआरपी कैण्ट वाराणसी)

  4. कां० अजय कुमार पाठक (थाना जीआरपी कैण्ट वाराणसी)