राजघाट पुल बंद होने से बढ़ेगी पड़ाव-वाराणसी के यात्रियों की मुसीबत, अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर की पीपा पुल की मांग
10 मिनट का सफर बदल जाएगा डेढ़ घंटे में!
वाराणसी: काशी और चंदौली (पड़ाव) को जोड़ने वाले ऐतिहासिक राजघाट (मालवीय) ब्रिज की मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके चलते इस मुख्य मार्ग को यातायात के लिए बंद किया जाना है। लेकिन इस फैसले ने दैनिक यात्रियों, छात्रों और वकीलों की चिंता बढ़ा दी है। इस रूट के बंद होने से हजारों लोगों के सामने उत्पन्न होने वाले भारी संकट को देखते हुए वाराणसी कचहरी के अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है।


शुक्रवार को वाराणसी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीपति मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम आपूर्ति (ADM Supply) को सौंपा। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन जनता की आजीविका और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

10 मिनट का सफर बदल जाएगा डेढ़ घंटे में!
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने ध्यान आकर्षित किया कि राजघाट ब्रिज वाराणसी और चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के बीच की मुख्य जीवनरेखा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग, मजदूर, मरीज, व्यापारी और कचहरी आने वाले अधिवक्ता इसी पुल के सहारे वाराणसी आते-जाते हैं। मरम्मत कार्य के लिए इसके बंद होने से निम्नलिखित गंभीर समस्याएं खड़ी होंगी:

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लंबा चक्कर और समय की बर्बादी: पुल बंद होने के बाद वाहनों को रामनगर (सामने घाट) या रिंग रोड से लंबा चक्कर लगाकर वाराणसी आना पड़ेगा। इससे मात्र 10 मिनट का सफर 1 से 1.5 घंटे का हो जाएगा।
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दोगुना-तिगुना आर्थिक बोझ: दूरी बढ़ने के कारण दैनिक यात्रियों का ऑटो और बसों का किराया कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर भारी आर्थिक मार पड़ेगी।
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रामनगर और रिंग रोड पर भीषण जाम: सारा ट्रैफिक दूसरे मार्गों पर डाइवर्ट होने से रामनगर और रिंग रोड के इलाकों में चक्का जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी।
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आपातकालीन सेवाएं होंगी ठप: चंदौली की तरफ से आने वाले गंभीर मरीजों को बीएचयू (BHU) या कबीरचौरा अस्पताल समय पर पहुंचाना लगभग असंभव हो जाएगा।
वकीलों ने प्रशासन के सामने रखे ये 4 व्यावहारिक विकल्प
जनहित को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ता श्रीपति मिश्रा ने जिलाधिकारी से इन ४ महत्वपूर्ण विकल्पों पर विचार करने की मांग की है:
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वैकल्पिक पीपा पुल (Pontoon Bridge): मरम्मत कार्य के दौरान पड़ाव और वाराणसी के बीच गंगा नदी पर एक अस्थायी पीपा पुल का निर्माण तत्काल कराया जाए, ताकि दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे।
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केवल रात में हो मरम्मत कार्य: यदि संभव हो, तो पुल पर मरम्मत का काम केवल रात के समय (रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक) किया जाए और दिन के समय हल्के वाहनों को आने-जाने की अनुमति दी जाए।
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अतिरिक्त नौका व स्टीमर सेवा: प्रशासन की देखरेख में सुरक्षित और सस्ते किराये पर स्टीमर या नावों की उचित व्यवस्था की जाए, जो लोगों को पड़ाव घाट से सीधे भैंसासुर या राजघाट तक पहुंचा सकें।
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सिटी बसों के रूट का निर्धारण: ट्रैफिक डायवर्जन वाले रूटों पर अतिरिक्त सरकारी सिटी बसों का संचालन किया जाए ताकि छात्रों और कामकाजी लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
