कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी कांड के भोला जायसवाल समेत सात आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
रोहनिया पुलिस ने साक्ष्यों के साथ न्यायालय में दाखिल किया आरोप पत्र
फर्जी बिल पर गिरोह कर रहा था हवाला का कारोबार
वाराणसी, भदैनी मिरर। रोहनिया पुलिस ने कोडिनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपित भोला प्रसाद जायसवाल समेत 07 आरोपितों के खिलाफ गुरूवार को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। आरोपितों में सिगरा थाना क्षेत्र के रमाकांतनगर पिशाचमोचन निवासी आजाद जायसवाल, रोहनिया क्षेत्र के भदवर के महेश कुमार सिंह, कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के वादीपुर निवासी, शिवाकांत उर्फ शिव, चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के कृष्णानर चंदासी के स्वपनिल केसरी, सप्तसागर (मैदागिन) के दिनेश कुमार यादव, ईश्वरगंगी के आशीष यादव, कायस्थ टोला प्रहलादघाट निवासी, शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर और तस्करी कांड के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद के विरूद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इनमें शुभम जायसवाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रूपये का इनाम घोषित है। जबकि भोला जायसवाल सोनभद्र जेल में बंद है। चार्जशीट के साथ इन आरोपितों के खिलाफ मिले सारे साक्ष्य भी प्रस्तुत किये गये हैं।


विवेचना से वह तथ्य प्रकाश में आया कि आरोपित कागजी फर्जी फर्म बनाकर हवाला के माध्यम से करोड़ों की कमाई की है। नगद रूपयों को सम्बन्धित फर्म के बैंकों में जमा किया जाता था और जमा किये रूपयों को भिन्न-भिन्न फर्मों के माध्यम से शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रान्सफर करवाते थे। हवाला के माध्यम से प्राप्त पैसों को लीगल तरीके से चलन में लाया जाता था। जबकि कोडीन कफ सिरफ की खरीद फरोख्त सिर्फ कागजों पर होती थी।

कोडीन कफ सिरप शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल के निर्देशन में अज्ञात स्थानों पर छिपाकर रखा जाता रहा था। इसके बाद गुपचुप तरीके से बांग्लादेश सीमा पर भेजवा कर 10 गुना ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। दिनेश यादव एवं आशीष यादव को शुभम जायसवाल व उसके सहायक देवेश के माध्यम से नगद रुपये व फर्जी बिल पहुंचाये जाते थे। इन्हें शुभम जायसवाल के निर्देशन में तैयार फर्जी बिल के आधार पर विभिन्न फर्मों में सिंह मेडिकोस, अलउकबा व एसपी फार्मा में काफी धन जमा किया जाता रहा।

