SIT से क्लीन चिट मिलने के बाद काशी पहुंचे चंपत राय, मणिकर्णिका घाट स्थित नरसिंह मठ में किया दर्शन-पूजन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने काशी को बताया ज्ञान और प्रकाश की नगरी; कहा- यहां आकर मिलती है आत्मिक शांति।
भदैनी मिरर (वाराणसी): एसआईटी (SIT) से क्लीन चिट मिलने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय शनिवार को काशी पहुंचे। अयोध्या से वाराणसी आगमन पर उन्होंने काशी को ज्ञान, प्रकाश और अद्भुत आत्मिक शांति देने वाली पावन नगरी बताया।

मणिकर्णिका घाट स्थित नरसिंह मठ में किया पूजन
काशी भ्रमण के दौरान चंपत राय सबसे पहले मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नरसिंह मठ पहुंचे। वहां उन्होंने योगीराज स्वामी नरसिंह भारती महाराज की जीवित समाधि पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने श्री कोलाहल नरसिंह भगवान, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान पूजित भगवान राम की प्रतिमा, श्री त्रिकोटेश्वर महादेव और संत ज्ञानेश्वर जी की आरती व पूजा-अर्चना की।

'वेद मंत्रों की ध्वनि और संतों का दर्शन सौभाग्य'
काशी की ऐतिहासिक गलियों का भ्रमण करते हुए चंपत राय ने कहा, "काशी परम सुख देने वाली आध्यात्मिक नगरी है। यहां वेद मंत्रों की गूंज और सिद्ध संतों का दर्शन सौभाग्य से प्राप्त होता है। ऐसी पवित्र भूमि पर आना एक अद्भुत और आनंदमयी अनुभूति कराता है।"

उन्होंने आगे कहा कि काशी का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। यह नगरी ज्ञान और संस्कृति की प्रतीक है, जहां आकर व्यक्ति को अपनी आंतरिक ऊर्जा को पहचानने का अवसर मिलता है। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काशी के निरंतर विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर विजय चौधरी, विकास मेहरा, सुरेश जायसवाल, परशुराम उपाध्याय, समर्थ केसरी, सौरभ, रामकृष्ण गुप्ता और अधिवक्ता अनुपम खन्ना सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। वहीं सिद्ध पीठ पर ज्योतिषाचार्य बिट्टू झा, नितिन शुक्ला, अभिनव दुबे और अनंत जोशी ने चंपत राय का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया।
