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नीट में 'सेंधमारी' का पुराना नाता: वाराणसी में फूटा था देशव्यापी नेटवर्क, 4 साल से फाइलों में धूल फांक रहा मामला

2021 में वाराणसी से हुआ था नीट-यूजी साल्वर गैंग का बड़ा खुलासा, 42 गिरफ्तारियों के बाद मामला 'ठंडे बस्ते' में, सभी आरोपी जमानत पर बाहर

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वाराणसी: नीट-2026 के पेपर लीक और परीक्षा रद होने के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी का यह खेल नया नहीं है। धार्मिक नगरी वाराणसी में 12 सितंबर 2021 को एक ऐसा ही बड़ा भंडाफोड़ हुआ था, जिसके तार देशभर में जुड़े थे। हालांकि, विडंबना यह है कि जिस केस ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरीं, वह पिछले चार साल से पुलिसिया फाइलों में दम तोड़ रहा है।

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सारनाथ से शुरू हुआ था 'सफेदपोश' गैंग का अंत

सितंबर 2021 में सारनाथ के सरायमोहाना स्थित एक केंद्र पर परीक्षा के दौरान क्राइम ब्रांच ने पटना की जूली कुमारी को गिरफ्तार किया था। वह त्रिपुरा की छात्रा हिना विश्वास की जगह परीक्षा दे रही थी। इस गिरफ्तारी के बाद जब कड़ियां जुड़ीं, तो पुलिस भी दंग रह गई। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश के नेतृत्व में इस सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की गई और एक लाख के इनामी सरगना नीलेश सिंह उर्फ पीके को पटना से गिरफ्तार किया गया।

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42 गिरफ्तारियां, पर नतीजा 'शून्य'

वाराणसी पुलिस ने इस प्रकरण में ओसामा शाहिद, कन्हैया लाल सिंह और डॉ. अफरोज समेत कुल 42 आरोपियों को जेल भेजा था। इन पर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की गई थी। लेकिन मॉनीटरिंग के अभाव में आज स्थिति यह है कि सरगना पीके समेत सभी 42 आरोपी जमानत पर बाहर हैं। सूत्रों का अंदेशा है कि ये आरोपी दोबारा अपने पुराने 'धंधे' में सक्रिय हो सकते हैं।

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पुरस्कार मिला, पर जांच थमी

हैरानी की बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल गैंग का खुलासा करने वाली टीम को 2022 में केंद्रीय गृह मंत्री का 'एक्सीलेंस अवार्ड' मिला था। तत्कालीन विवेचक सूरज कुमार तिवारी और सर्विलांस सेल प्रभारी अंजनी कुमार पांडेय की मेहनत को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। लेकिन उनके बाद विवेचना सेल में मामला जाते ही रफ्तार सुस्त हो गई। विवेचक के रिटायर होने के बाद से केस की प्रगति न के बराबर है।

थाने-दर-थाने भटकती रही फाइल

इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले यह केस सारनाथ थाने में था, फिर इसे चौबेपुर ट्रांसफर किया गया और बाद में यह क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल में पहुंचा। इस लुका-छिपी के खेल में 13 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी होने के बावजूद कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई।