वाराणसी के घौसाबाद में दबंगई: बाउंड्रीवॉल गिराकर मारपीट और VDA के आदेश के बाद भी अवैध निर्माण
कैंट थाना क्षेत्र के घौसाबाद में रात के अंधेरे में बाउंड्रीवॉल तोड़कर रंगदारी और मारपीट का आरोप, वहीं VDA की रोक के बावजूद सील जमीन पर जारी है अवैध निर्माण।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत घौसाबाद (नदेसर) इलाके में भू-माफियाओं और मनबढ़ किस्म के लोगों के हौसले बुलंद हैं। एक तरफ जहां रात के अंधेरे में पड़ोसियों की बाउंड्रीवॉल गिराकर मारपीट और ईंट-पत्थर चलाने का गंभीर मामला सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा सील की गई जमीन पर रोक के बावजूद धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराया जा रहा है।


देर रात गिराई बाउंड्रीवॉल, विरोध करने पर परिवार को पीटा
मोहन कुंज बिल्डिंग, घौसाबाद निवासी अवनीश लिपानी (पुत्र श्री सुभाष चंद तिवारी) ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 21 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि (लगभग 2:30 से 3:00 बजे के बीच) उनके मकान (S-15/2-6) से सटी जमीन की बाउंड्रीवॉल को मोहल्ले के ही दबंग किस्म के व्यक्तियों ने कब्जा करने की नीयत से गिरा दिया।

आरोप है कि गणेश मौर्या, महेश मौर्या, भीमचन्द, अनिल, राजकुमार मौर्या, बृजनारायन मौर्या, सूरज मौर्या, गोविंद, पवन मौर्या, राहुल, छोटू, किशन मौर्या तथा मंजू देवी, रीता देवी, प्रेमा देवी व अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर बाउंड्रीवॉल गिरा दी और ईंटें चुराकर अपने घर में रख लीं।

सुबह लगभग 6:30 बजे जब पीड़ित परिवार को इसकी जानकारी हुई और वे पूछताछ करने पहुंचे, तो आरोपियों ने गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में अवनीश को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
VDA की सील के बावजूद सील जमीन पर दबंगई से जारी अवैध निर्माण
इसी इलाके (घौसाबाद, मकान नं० S 15/2 A-1-2) की स्थायी निवासी सुनीता देवी (पत्नी यशवंत सिंह) ने वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के उपाध्यक्ष व सचिव को पत्र सौंपकर अवैध निर्माण रुकवाने की गुहार लगाई है।
सुनीता देवी के अनुसार, उनके परिवार की पैतृक संपत्ति (आराजी नं० 1014, रकबा 28 डिसमिल) पर न्यायालय और राजस्व अभिलेखों के तहत कानूनी स्थिति स्पष्ट है और खतौनी में विपक्षीगण (अर्जुन, भीम, गणेश, महेश पुत्रगण जगधर) का नाम दर्ज नहीं है।
पूर्व में प्रार्थिनी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए VDA की टीम ने उक्त अवैध भवन/निर्माण को सील कर दिया था। इसके बाद भी विपक्षी चोरी-छिपे निर्माण कार्य कराते रहे। दोबारा शिकायत पर VDA कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर काम बंद कराया, वीडियोग्राफी की और सख्त हिदायत दी थी। आरोप है कि VDA की रोक और सीलिंग के बावजूद दबंगई के बल पर वहां जबरन निर्माण कार्य जारी है। पीडिता ने अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराकर न्याय की मांग की है।
