Varanasi तुलसी घाट नाव हादसे में दो दिन बाद FIR, दोनों नाव चालकों पर दर्ज हुआ मुकदमा
गंगा में टक्कर के बाद डूबी थी नाव, बचाई गई थी 5 जानें, लापरवाही बनी हादसे की वजह
वाराणसी,भदैनी मिरर। सोमवार दोपहर तुलसी घाट के सामने गंगा नदी में हुए नाव हादसे के मामले में दो दिन बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
चौकी प्रभारी अस्सी रणजीत कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर भदैनी निवासी छोटी नाव संचालक गोपाल साहनी और मलहिया टोला रामनगर निवासी बड़ी नाव चालक राजन साहनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


पुलिस के मुताबिक, 16 तारीख को गोपाल साहनी अपनी छोटी नाव पर पांच यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट पहनाए उस पार ले जा रहा था। उसी दौरान दक्षिण दिशा से राजन साहनी बड़ी नाव को तेज और लापरवाही से चला रहा था। दोनों नावों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे छोटी नाव अनियंत्रित होकर गंगा में डूब गई।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंची NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डूब रहे सभी पांच यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जल पुलिस की चेतावनी, नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
वाराणसी कमिश्नरेट की जल पुलिस ने नाव संचालन को लेकर एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई नाव चालक या मालिक लापरवाही से जलयान चलाता है और उससे मानव जीवन या संपत्ति को खतरा होता है, तो उस पर BNS 2023 की धारा 282 (पूर्व में IPC 281) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, 10 हजार रुपये तक जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
नाव संचालन के प्रमुख नियम
जल पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में शामिल हैं—
- क्षमता से अधिक सवारी न बैठाई जाए
- बिना लाइफ जैकेट यात्रियों को नाव में न बैठाया जाए
- तेज या अनियंत्रित गति से नाव न चलाई जाए
- चलती नाव पर सेल्फी या फोटोग्राफी न कराई जाए
- शराब या नशे की हालत में नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित
- बिना रजिस्ट्रेशन नाव न चलाई जाए
- तय किराए से अधिक वसूली न की जाए
प्रशासन ने साफ किया है कि इन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नाव चालक और नाव मालिक दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
