Movie prime
PMC_Hospital

BHU में पक्षी और वन्यजीव सर्वेक्षण शुरू: गूगल मैप पर दर्ज होगी सांप-पक्षियों की लोकेशन

1,300 एकड़ के परिसर को 'जैव विविधता कैंपस' बनाने की पहल; चुनी गई तस्वीरों को 'BHU बायोडायवर्सिटी बुक' में मिलेगा स्थान और नकद पुरस्कार

Ad

 
fre
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी / भदैनी मिरर: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) और आईआईटी-बीएचयू को आधिकारिक रूप से 'जैव विविधता परिसर' (Biodiversity Campus) का दर्जा दिलाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। विश्वविद्यालय की हॉर्टिकल्चर यूनिट द्वारा 1,300 एकड़ में फैले विशाल परिसर में पक्षी एवं वन्यजीव सर्वेक्षण अभियान का आगाज किया गया है। यह सर्वेक्षण पूरे एक वर्ष यानी सितंबर 2027 तक चलेगा।

Ad

इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य बीएचयू परिसर में पाए जाने वाले विभिन्न सरीसृपों (सांप, छिपकली आदि), पक्षियों, उभयचरों और स्तनधारी जीवों का एक विस्तृत और वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार करना है।

गूगल मैप पर दर्ज होगी सटीक लोकेशन

सर्वेक्षण के तहत परिसर में दिखने वाले जीवों की उच्च गुणवत्ता (High Quality) वाली तस्वीरों के साथ-साथ उनके दिखने के सटीक स्थान को गूगल मैप (Google Maps) पर चिन्हित किया जाएगा। इससे जीवों के वैज्ञानिक नाम, उनके प्राकृतिक आवास और परिसर में उनके फैलाव की सटीक जानकारी का नक्शा तैयार किया जा सकेगा।

Ad

विद्यार्थी और कर्मचारी भी बन सकते हैं हिस्सा

हॉर्टिकल्चर यूनिट ने इस सर्वेक्षण को एक जन-अभियान का रूप दिया है। इसमें बीएचयू के छात्र, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और परिसर निवासी भाग ले सकते हैं। सहभागिता के लिए एक गूगल फॉर्म (Google Form) जारी किया गया है, जिसके जरिए प्रतिभागी अपने द्वारा खींची गई तस्वीरें और विवरण अपलोड कर सकते हैं।

Ad
  • अपलोड करने की प्रक्रिया: प्रतिभागियों को जीव का सामान्य नाम, वैज्ञानिक नाम, फोटो खींचने की तिथि व समय, स्थान और गूगल मैप लोकेशन का स्क्रीनशॉट फॉर्म में देना होगा।

  • पुरस्कार और सम्मान: मान्य प्रविष्टियों के लिए प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रत्येक श्रेणी में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों के लिए नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा चयनित फोटो को फोटोग्राफर के नाम के साथ प्रस्तावित ‘बीएचयू बायोडायवर्सिटी बुक’ में शामिल किया जाएगा।

AI और इंटरनेट की फोटो होगी खारिज

हॉर्टिकल्चर यूनिट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि तस्वीरें पूरी तरह से मूल (Original) और स्वयं बीएचयू परिसर में ही खींची गई होनी चाहिए। एआई (AI), इंटरनेट, सोशल मीडिया या किसी पुस्तक से ली गई फोटो तुरंत अस्वीकृत कर दी जाएगी। इसके साथ ही संस्था ने अपील की है कि वन्यजीवों की तस्वीर लेते समय उन्हें पकड़ने, दाना खिलाने या किसी भी तरह से परेशान करने से बचें।

क्या आप इस खबर के साथ बीएचयू हॉर्टिकल्चर यूनिट का गूगल फॉर्म लिंक या सोशल मीडिया पोस्टर का ड्राफ्ट भी जोड़ना चाहते हैं?