वाराणसी में कारोबार के नाम पर 'बड़ा खेल': ग्रोसरी कारोबारी से 1 करोड़ रुपये हड़पे, दंपती समेत 5 पर FIR
व्यापार और रजिस्ट्री के नाम पर जालसाजी, कर्ज के बोझ तले दबा पीड़ित
भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क, वाराणसी। धर्मनगरी काशी में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला भेलूपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक ग्रोसरी कारोबारी से व्यापार और मकान की रजिस्ट्री के नाम पर एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक ही परिवार के चार नामजद सदस्यों समेत पाँच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यापार और रजिस्ट्री के नाम पर जालसाजी, कर्ज के बोझ तले दबा पीड़ित
सारनाथ के पहड़िया (श्रीनगर कॉलोनी) निवासी पीड़ित सीताराम चौधरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह ग्रोसरी के सामानों के विक्रेता हैं। शंकुलधारा निवासी राजेश अग्रवाल और उनके परिवार ने उन्हें झांसे में लेकर कारोबार के विस्तार और एक मकान की रजिस्ट्री का हवाला दिया।


पीड़ित का आरोप है कि विभिन्न तिथियों में राजेश अग्रवाल, उनकी पत्नी रजनी अग्रवाल, बेटे शाश्वत और बेटी लाडो ने मिलकर उनसे कुल 1 करोड़ रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद न तो मकान की रजिस्ट्री की गई और न ही पैसे वापस लौटाए गए।
अब मिल रही शूटरों से जान से मारने की धमकी
इस धोखाधड़ी ने सीताराम चौधरी को आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। पीड़ित ने बताया कि:

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उनका और उनके बेटे का ग्रोसरी प्रतिष्ठान 'काशी बाजार' बंद हो चुका है।
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बैंकों का लोन चुकाने में असमर्थ होने के कारण वे भारी मानसिक तनाव में हैं।
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जब उन्होंने बकाया रकम माँगी, तो आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि शूटरों से गोली मरवाने की धमकी भी दी।
घर बुलाकर मारपीट, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
तहरीर के अनुसार, इसी साल 3 जनवरी 2026 को जब सीताराम चौधरी पैसे के सिलसिले में आरोपियों के घर पहुँचे, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भेलूपुर पुलिस ने आईपीसी (अब भारतीय न्याय संहिता) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाली जा रही है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
