BHU के विधि प्रकोष्ठ पैनल में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी शामिल, वाराणसी की अदालतों में करेंगे विश्वविद्यालय की पैरवी
वाराणसी की अदालतों में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कानूनी मामलों और हितों की रक्षा करेंगे सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष
भदैनी मिरर डेस्क। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने अदालती मामलों में अपनी पैरवी को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी को बीएचयू के 'विधि प्रकोष्ठ' (Legal Cell) के अधिवक्ता पैनल में शामिल किया है।
उन्हें वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों में विश्वविद्यालय से जुड़े मुकदमों की पैरवी करने और बीएचयू के विधिक हितों की रक्षा के लिए अधिकृत किया गया है।

कुलपति की स्वीकृति के बाद आदेश जारी
विश्वविद्यालय के कुलपति की स्वीकृति मिलने के पश्चात असिस्टेंट रजिस्ट्रार (विधि प्रकोष्ठ) ऋषभ तिवारी द्वारा 18 सितंबर 2026 को इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी कर दिया गया।
जारी पत्र के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी को तत्काल प्रभाव से जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी में विश्वविद्यालय के मामलों में पैरवी हेतु पैनल में शामिल किया गया है। अब जनपद न्यायालय में लंबित एवं भविष्य में आने वाले बीएचयू से संबंधित सभी कानूनी मामलों में विश्वविद्यालय का पक्ष रखने की मुख्य जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

अधिवक्ता समुदाय में खुशी की लहर
बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय के विधि प्रकोष्ठ के पैनल में विवेक शंकर तिवारी को शामिल किए जाने की खबर मिलते ही बनारस के कानूनविदों और अधिवक्ताओं में हर्ष का माहौल है।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा दे चुके विवेक शंकर तिवारी के लंबे विधिक अनुभव और न्यायिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वकीलों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने इसे उनके अनुभव पर बीएचयू प्रशासन के गहरे भरोसे का प्रतीक करार दिया।

