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BHU के एनेस्थिसिया डाक्टर और दो सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज 

हीलाहवाली कर रही थी पुलिस, कोर्ट की सख्ती के बाद रोहनिया थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

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बच्छांव के धर्मेंद्र यादव ने भाई की साजिश के तहत हत्या करने और परिवार को भ्रमित करने का लगाया आरोप 

चितईपुर निजी अस्पताल के आपरेशन थियेटर सहायक जितेंद्र कुमार यादव की मौत का मामला

वाराणासी, भदैनी मिरर। रोहनिया थाना क्षेत्र के बच्छांव गांव निवासी धर्मेंद्र यादव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल अस्पताल के एनेस्थिसिया डिपार्टमेंट के डाक्टर राजेश मीणा और उनके दो सहयोगियों पर भाई की साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अब कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने में डा. राजेश मीणा और उनके दो अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि डॉ. मीणा का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर हुआ है तो हम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेंगे। आरोप निराधार है।

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हाइवे हॉस्पिटल की है पूरी घटना

प्रार्थना पत्र के मुताबिक डॉ. राजेश मीणा सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एनेस्थिसिया विशेषज्ञ हैं। कोर्ट में गुहार लगाने वाले धर्मेंद्र यादव के भाई स्व. जितेंद्र कुमार यादव चितईपुर स्थित हाइवे अस्पताल में आपरेशन थियेटर सहायक के पद पर थे। चूंकि बीएचयू के डाक्टर डॉ. राजेश मीणा उस निजी अस्पताल में नियमिति ऐनेस्थिसिया देने आते रहे। धर्मेंद्र के भाई जितेंद्र का कार्य आपरेशन थियेटर से जुड़ा था इसलिए डॉ. राजेश मीणा से पेशेवर मुलाकातें होती रहीं। धीरे-धीरे पेशेवर मुलाकातें निकटता में बदल गई। इस दौरान जितेंद्र ने डॉ. मीणा की अस्पताल की एक नर्स के साथ अनैतिक गतिविधियों देखा था और उसका वीडियो भी बना लिया था। यह बात डॉ. मीणा को पता चली तो उस वीडियो को हासिल करने का उपक्रम करने लगे। तमाम कोशिशों के बाद भी जितेंद्र  ने वीडियो नही दिया। इसके बाद जितेंद्र की हत्या की साजिश रची गई। इसके तहत 30 जुलाई 2019 को डॉ. मीणा ने जितेंद्र के साथ पिकनिक का प्लान बनाया। अस्पताल से निकलने से पहले उन्हें एक कमरे में शराब पिलाया गया। जितेंद्र जब नशे के प्रभाव में आ गये तो उन्हें कार से लेकर डाक्टर और उनके दोनों सहयोगी अहरौरा डैम ले गये।

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अहरौरा डैम में धकेलने का आरोप

आरोप है कि, वहां तीनों ने मिलकर वीडियो देने का दबाव बनाया। जब जितेंद्र ने देने से इनकार कर दिया तो डैम में ढकेल दिया, इससे उनकी मौत हो गई। जबकि अस्पताल के सुपरवाइजर ने डाक्टर व साथियों को भाई को शराब पिलाकर मारने का प्लान बनाते सुना था। लेकिन उसने नौकरी जाने के भय से यह बात किसी को नही बताई।

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कोर्ट के सामने रखेंगे अपना पक्ष

भदैनी मिरर से बातचीत में प्रोफेसर राजेश मीणा ने बताया कि यह मात्र परेशान करने के लिए एफआईआर करवाया गया है। व्यक्तिगत खुन्नस और धन उगाही के लिए सात साल पुराने मामले को उठाया गया है। मुझ पर लगाये गये आरोप निराधार हैं। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर हुआ है, तो अपना पक्ष हम कोर्ट के सामने रखेंगे। जिस समय घटना बताई गई है, उस वक्त का पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध है। सभी साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। 

कोर्ट ने थानेदार को किया तलब तो दर्ज हुई FIR 

आपको बता दें कि इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के लिए अदालत ने 28 जनवरी को ही आदेश दिया था। पुलिस हीलाहवाली कर रही थी। बाद में अदालत ने जब थानेदार को कोर्ट में बुला लिया तब मुकदमा दर्ज हो गया।