नशा मुक्ति केंद्र में BHU के छात्र की हार्ट अटैक से नही पिटाई से हुई थी मौत, संचालक समेत तीन गिरफ्तार
GIC इंटर कॉलेज सैयदराजा की प्रिंसिपल प्रतिभा गोस्वामी का बेटा था अदित्य
सोल्जर बोर्ड गोरखपुर में कार्यालय अधीक्षक हैं पिता राकेश भारती
शिवपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर बसही स्थित अशोकपुरम कालोनी का निवासी था छात्र
वाराणसी, भदैनी मिरर। सारनाथ के बुद्धा सिटी कालोनी में स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में बीएचयू के छात्र आदित्य गोस्वामी की मौत हार्ट अटैक से नही बल्कि केंद्र के लोगों की पिटाई के कारण हुई। केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने केंद्र संचालक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में चंदौली जिले के विशुनपुरा कला निवासी संचालक युवराज सिंह, कर्मचारी रोहतास (बिहार) के कुमार सौरभ और भेलूपुर थाना क्षेत्र के सील नगर कालोनी निवासी जितेंद्र गुप्ता हैं। पूछताछ में संचालक युवराज सिंह ने स्वीकार किया कि नशा मुक्ति केंद्र का संचालन वही करता है। कुमार सौरभ व जितेंद्र गुप्ता उसके कर्मचारी हैं। उसने बताया कि केंद्र में भर्ती लोगों को नशा छुड़ाने के नाम पर शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं।




आपको बता दें कि सारनाथ बुद्धा सिटी कालोनी स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में शुक्रवार को बीएचयू से एमएम कर रहे छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसके शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान पाये गये थे। जबकि परिजनों को केंद्र की ओर से बताया गया था कि हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई है। इस मामले में मृत छात्र के परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए सारनाथ थाने में तहरीर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में परिजनों का संदेह सही पाया गया। जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में नशे की लत से छुटकारा दिलाने के लिए जीआईसी इंटर कॉलेज सैयदराजा की प्रिंसिपल प्रतिभा गोस्वामी ने पुत्र आदित्य गोस्वामी, जो बीएचयू में एंथ्रोपोलॉजी में एमए का छात्र था, उसे 19 हजार रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर 27 दिसंबर को भर्ती कराया था। भर्ती के बाद परिजनों ने कई बार केंद्र पर आदित्य से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। पुलिस की जांच में पता चला कि नशा मुक्ति केंद्र का संचालन युवराज सिंह करता है। युवराज के साथ कुमार सौरभ और जितेंद्र गुप्ता भी इस केंद्र में काम करते है।

जांच में पता चला कि यहां भर्ती लोगों से आए दिन मारपीट की जाती थी। जब आदित्य भी यहां एडमिट हुआ उसके साथ भी यही काम शुरू किया गया। उसे अपनी मां और अन्य लोगों से भी मिलने ने नहीं दिया जाता था। फिर अचानक शुक्रवार को आदित्य के घर फोन गया कि उसकी तबियत खराब होने से मौत हो गई है। परिजन जब पहुंचे आदित्य के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट के निशान थे। बदन पर जगह-जगह चोट देखकर स्वजन ने केंद्र संचालकों व कर्मचारियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। शिवपुर थाना क्षेत्र के अशोकपुरम कालोनी मीरापुर बसही की रहने वाली जीजीआइसी सैयदराजा की प्रधानाचार्या प्रतिभा गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा आदित्य गोस्वामी (27) बीएचयू से मानव विज्ञान में एमए कर रहा था। दो साल से उसे नशे की लत लग गई थी जिसकी वजह से वह उग्र हो जाता था। इसकी वजह से स्वजन परेशान थे।उसकी नशे की लत को खत्म करने के लिए सारनाथ के बुद्धा सिटी कालोनी स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।

केंद्र से सूचना मिलने पर परिवार के लोग जब पहुंचे तो केंद्र के कर्मचारी आदित्य के शव को स्ट्रेचर से उतारकर कार में डाल रहे थे। यह देखकर उन्होंने पूछा तो उन्हें बताया गया कि आदित्य की मौत हो गई। जबकि अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि आदित्य को मृत्यु के बाद ही वहां लाया गया था। उसके बदन पर ऊपर से लेकर नीचे तक चोट के ढेरों निशान थे। यह देखकर स्वजन ने पुलिस को बुला लिया। मां ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने केंद्र के कर्मचारियों से वीडियो दिखाने के लिए कहा गया तो सोये हुए एक व्यक्ति की दूर से फुटेज दिखा दिया। आदित्य के पिता राकेश भारती सोल्जर बोर्ड गोरखपुर में कार्यालय अधीक्षक है। वह दो भाइयों में बड़ा था और ताइक्वांडो का खिलाड़ी भी था। छोटा भाई अमिताभ भारती दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में नशा से छुड़कार पाने के लिए 45 लोग भर्ती हैं। आठ महीने पहले चौकाघाट का आर्दश सिंह भी यहां भर्ती हुआ था। अब वह केंद्र का केयर टेकर बन गया है। इसी तरह जौनपुर के बरही, नेवढ़िया का सतीश सिंह भी नशा छुड़ाने आये था अब कुक बन गया है।
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