BHU सर सुंदरलाल अस्पताल: ऑर्थो विभाग को 5 साल बाद मिला नया विभागाध्यक्ष, प्रो. अजीत सिंह को मिली जिम्मेदारी
विवादों के कारण लंबे समय से डीन के पास था प्रभार; कुलपति के आदेश पर ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो. अजीत सिंह बने विभागाध्यक्ष।
वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक्स) विभाग में लगभग 5 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद नए विभागाध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्तमान ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रोफेसर अजीत सिंह को ऑर्थोपेडिक्स विभाग का नया विभागाध्यक्ष (Head of Department) नियुक्त किया है।


विवादों के कारण संकाय प्रमुख के पास था प्रभार
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब 5 वर्षों से ऑर्थोपेडिक्स विभाग में चल रहे विभिन्न विवादों के कारण विभागाध्यक्ष का पद पूर्णकालिक रूप से किसी को नहीं सौंपा गया था। अब तक यह जिम्मेदारी चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के संकाय प्रमुख (Dean) के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में थी।

3 वर्षों के लिए हुई नियुक्ति
बीएचयू के उप कुलसचिव (Deputy Registrar) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, कुलपति ने स्टैच्यू 25 (4) [2] के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रो. अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से 3 वर्षों की अवधि के लिए चिकित्सा संकाय, IMS, BHU के ऑर्थोपेडिक्स विभाग का विभागाध्यक्ष नियुक्त किया है।
अधिसूचना में कुलपति ने अब तक विभागाध्यक्ष के अतिरिक्त दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए चिकित्सा संकाय के डीन प्रोफेसर संजय गुप्ता के योगदान की भी सराहना की है।


अस्पताल और मरीजों को मिलेगा लाभ
प्रो. अजीत सिंह वर्तमान में BHU ट्रामा सेंटर के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वास्थ्य प्रबंधन और शल्य चिकित्सा में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए यह माना जा रहा है कि उनके विभागाध्यक्ष बनने से ऑर्थोपेडिक्स विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और सर सुंदरलाल अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज व सुविधाएं मिल सकेंगी।
