BHU News: यूजीसी नियमों के विरोध में मार्च करने वाले दर्जनों छात्रों को बीएचयू का कारण बताओ नोटिस
29 जनवरी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई, छात्रों को 11 फरवरी को जांच समिति के सामने पेश होने का निर्देश
वाराणसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशन-2026 के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च और सभा करने वाले दर्जनों छात्रों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोमवार को ई-मेल के जरिए भेजे गए इन नोटिसों में छात्रों को 11 फरवरी को जांच समिति के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।


इस कार्रवाई से छात्रों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
29 जनवरी को निकाला गया था शांतिपूर्ण मार्च
जानकारी के मुताबिक, 29 जनवरी को छात्र-छात्राओं ने परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर से पैदल मार्च निकालते हुए एमएमवी तिराहे पर सभा की थी। इस दौरान यूजीसी के नए नियमों का पुरजोर विरोध किया गया था।
इसी दिन बीएचयू के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो डॉ. मृत्युंजय तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी आया था, जिसमें यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन पर स्टे लगा दिया गया था।

ई-मेल से जारी हुआ नोटिस
सोमवार को डॉ. मृत्युंजय तिवारी, शिवांश सिंह सहित दर्जनों छात्रों को ई-मेल के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजा गया। नोटिस के अनुसार, 29 जनवरी को यूजीसी बिल के विरोध में निकाले गए जुलूस में शामिल होने को लेकर गठित जांच समिति के समक्ष छात्रों को 11 फरवरी शाम 5 बजे मुख्य आरक्षण अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित बयान दर्ज कराना होगा।

छात्रों ने लगाया दमनकारी रवैये का आरोप
छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद बीएचयू प्रशासन इसे अपराध की श्रेणी में रख रहा है और छात्रों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रहा है।
छात्र नेता डॉ. मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि छात्रों में समानता और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था स्टे
गौरतलब है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के प्रोत्साहन के लिए नए नियम जारी किए थे, जिन पर 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी।
